Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 May 2024 · 1 min read

गीत- जब-जब पाप बढ़े दुनिया में…

जब-जब पाप बढ़ें दुनिया में, लेता प्रभु नव अवतार।
भ्रमित मनुज का दंभ तोड़कर, रचता है नवल विचार।।

तृष्णा बढ़ती नभचर बनता, पाने को सब अधिकार।
मानवता का शीश काटकर, चाहे निज की जयकार।
मगर भूलता इतिहास मूर्ख, माया रचना है हार।
भ्रमित मनुज का दंभ तोड़कर, रचता है नवल विचार।।

अवतार लिया जिसने अनुपम, नूतनता करके स्वीकार।
दीनदयाल वही पालक है, प्राणों का नव आधार।
अग्न बुझाए काँत करे मन, करता सबपर उपकार।
भ्रमित मनुज का दंभ तोड़कर, रचता है नवल विचार।।

जग झूठा है झूठ लगे पर, माया खेले सब खेल।
झूल रहे डिब्बा-डिब्बा सब, समझ न आए पर रेल।
सभी दिखावा करके हारें, सच्चाई सुख का सार।
भ्रमित मनुज का दंभ तोड़कर, रचता है नवल विचार।।

आर. एस. ‘प्रीतम’

Language: Hindi
101 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from आर.एस. 'प्रीतम'
View all

You may also like these posts

बाकी है...
बाकी है...
Manisha Wandhare
बसा के धड़कन में प्यार तेरा पलक भी सपने सजा रही है ।
बसा के धड़कन में प्यार तेरा पलक भी सपने सजा रही है ।
Jyoti Shrivastava(ज्योटी श्रीवास्तव)
Who am I?
Who am I?
R. H. SRIDEVI
पिया बिन सावन की बात क्या करें
पिया बिन सावन की बात क्या करें
Devesh Bharadwaj
प्रकृति का गुलदस्ता
प्रकृति का गुलदस्ता
Madhu Shah
Nowadays doing nothing is doing everything.
Nowadays doing nothing is doing everything.
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मेरा देश विश्व गुरु
मेरा देश विश्व गुरु
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
🙅 *नाप-तोल ज़रूरी* 🙅
🙅 *नाप-तोल ज़रूरी* 🙅
*प्रणय प्रभात*
अफसोस मुझको भी बदलना पड़ा जमाने के साथ
अफसोस मुझको भी बदलना पड़ा जमाने के साथ
gurudeenverma198
उसी कन्धे पर
उसी कन्धे पर
Dr. Kishan tandon kranti
Everyone enjoys being acknowledged and appreciated. Sometime
Everyone enjoys being acknowledged and appreciated. Sometime
पूर्वार्थ
कुंडलिनी
कुंडलिनी
Rambali Mishra
घाव बहुत पुराना है
घाव बहुत पुराना है
Atul "Krishn"
आपके साथ आपका रिश्ता आपके हर दूसरे रिश्ते के लिए सुर व ताल स
आपके साथ आपका रिश्ता आपके हर दूसरे रिश्ते के लिए सुर व ताल स
ललकार भारद्वाज
sp51 युग के हर दौर में
sp51 युग के हर दौर में
Manoj Shrivastava
हिंदी लेखक
हिंदी लेखक
Shashi Mahajan
मुंडी लिपि में दोहों पर कार्य
मुंडी लिपि में दोहों पर कार्य
Ravi Prakash
ईश्वर
ईश्वर
Neeraj Kumar Agarwal
There is no substitute for hard work. Never give up. Never s
There is no substitute for hard work. Never give up. Never s
पूर्वार्थ देव
चलते चलते थक गया, मन का एक फकीर।
चलते चलते थक गया, मन का एक फकीर।
Suryakant Dwivedi
मुनाफे में भी घाटा क्यों करें हम।
मुनाफे में भी घाटा क्यों करें हम।
सत्य कुमार प्रेमी
कितने  हैं , हम  आईना  जैसे,
कितने हैं , हम आईना जैसे,
Dr fauzia Naseem shad
आइये हम ये विचार करें
आइये हम ये विचार करें
Dr.Pratibha Prakash
नन्ही भिखारन!
नन्ही भिखारन!
कविता झा ‘गीत’
मौलिक विचार
मौलिक विचार
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
हिन्दी सूरज नील गगन का
हिन्दी सूरज नील गगन का
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
భారత దేశం మన పుణ్య ప్రదేశం..
భారత దేశం మన పుణ్య ప్రదేశం..
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
ਦੁਸ਼ਮਣ
ਦੁਸ਼ਮਣ
Otteri Selvakumar
समाज और सोच
समाज और सोच
Adha Deshwal
देखा है
देखा है
Ahtesham Ahmad
Loading...