Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Feb 2024 · 1 min read

🍂🍂🍂🍂*अपना गुरुकुल*🍂🍂🍂🍂

याद आती है अपने गुरुकुल की,*उठते सवेरे-सवेरे*
याद आती है अपने गुरुकुल की,*उठते सवेरे-सवेरे*।।
🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂
हुए ८ वर्ष,*लिया प्रवेश अपने गुरुकुल में*
🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
शुरू हो गयी ज्ञान की शिक्षा अपने गुरुकुल में धीरे-२
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
स्वयं लग जाते दिनचर्या के कार्यों में धीरे-धीरे*
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
समय के मूल्य को जाना अपने गुरुकुल में
🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀
अनुशासन में रहना जाना अपने गुरुकुल में
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
वेद-पुराण के ज्ञान को जाना अपने गुरुकुल में
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
अर्थ-साहित्य को पढ़ना जाना अपने गुरुकुल में
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
स्व: में आध्यात्मिकता जाग्रति को जाना अपने गुरुकुल में🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
वितरण, विनियम , उपभोग को जाना अपने गुरुकुल में
🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼
गुरु शिष्य के संबंध को जाना अपने गुरुकुल में
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
धर्म संस्कृति की शिक्षा को जाना अपने गुरुकुल में
🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼🌺🌼
विनम्रता,*सच्चाई*, आत्मनिर्भरता के भाव को जाना अपने गुरुकुल में🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻
ब्रह्मा, विष्णु, महेश को आचार्य के रूप में जाना अपने गुरुकुल में🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
तपोस्थली में सभा सम्मेलन प्रवचनों से अर्जन ज्ञान को जाना अपने गुरुकुल में🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
याद आती है अपने गुरुकुल की, उठते सवेरे-सवेरे
याद आती है अपने गुरुकुल की,उठते सवेरे-सवेरे।।

रचनाकार – 😇 डॉ० वैशाली ✍🏻

Language: Hindi
160 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Vaishali Verma
View all

You may also like these posts

रोज़ दरवाज़े खटखटाती है मेरी तन्हाइयां,
रोज़ दरवाज़े खटखटाती है मेरी तन्हाइयां,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*बादल छाये नभ में काले*
*बादल छाये नभ में काले*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
इस पेट की ज़रूरते
इस पेट की ज़रूरते
Dr fauzia Naseem shad
जिन्दगी के कुछ लम्हें अनमोल बन जाते हैं,
जिन्दगी के कुछ लम्हें अनमोल बन जाते हैं,
शेखर सिंह
मुक्तक  _  माँ
मुक्तक _ माँ
Neelofar Khan
4544.*पूर्णिका*
4544.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सोशल मीडिया में आधी खबरें झूठी है और अखबार में पूरी !!
सोशल मीडिया में आधी खबरें झूठी है और अखबार में पूरी !!
P S Dhami
जीवन
जीवन
डॉ नवीन जोशी 'नवल'
वक्त एवम् किस्मत पर कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि द
वक्त एवम् किस्मत पर कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि द
ललकार भारद्वाज
*याद तुम्हारी*
*याद तुम्हारी*
Poonam Matia
" कला "
Dr. Kishan tandon kranti
कब्र से उठकर आए हुए लोग,
कब्र से उठकर आए हुए लोग,
Smriti Singh
कहने को तो बहुत लोग होते है
कहने को तो बहुत लोग होते है
रुचि शर्मा
करम के नांगर  ला भूत जोतय ।
करम के नांगर ला भूत जोतय ।
Lakhan Yadav
रोशनी
रोशनी
Neeraj Kumar Agarwal
मैं उस बस्ती में ठहरी हूँ जहाँ पर..
मैं उस बस्ती में ठहरी हूँ जहाँ पर..
Shweta Soni
मिट्टी के दीए
मिट्टी के दीए
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
#कमसिन उम्र
#कमसिन उम्र
Radheshyam Khatik
तुम्हारी आँखें...।
तुम्हारी आँखें...।
Awadhesh Kumar Singh
राम से बड़ा राम का नाम
राम से बड़ा राम का नाम
Anil chobisa
दर्शन के प्रश्न
दर्शन के प्रश्न
Acharya Shilak Ram
जा रहा हु...
जा रहा हु...
Ranjeet kumar patre
आंसू ना बहने दो
आंसू ना बहने दो
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
आज जो तुम तन्हा हो,
आज जो तुम तन्हा हो,
ओसमणी साहू 'ओश'
तकनीकी युग मे स्वयं को यंत्रो से बचाने के उपाय
तकनीकी युग मे स्वयं को यंत्रो से बचाने के उपाय
Bhupendra Rawat
तुम्हारे कर्म से किसी की मुस्कुराहट लौट आती है, तो मानों वही
तुम्हारे कर्म से किसी की मुस्कुराहट लौट आती है, तो मानों वही
Lokesh Sharma
कभी शिद्दत से गर्मी, कभी बारिश की फुहारें ,
कभी शिद्दत से गर्मी, कभी बारिश की फुहारें ,
पूर्वार्थ
--कहाँ खो गया ज़माना अब--
--कहाँ खो गया ज़माना अब--
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
चमकते चेहरों की मुस्कान में….,
चमकते चेहरों की मुस्कान में….,
दीपक बवेजा सरल
आलस मेरी मोहब्बत है
आलस मेरी मोहब्बत है
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
Loading...