$ग़ज़ल
3- बहरे खफ़ीफ मुसद्दस मख़बून
फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन
वज़्न/मीटर- 2122/1212/22
अब हमें आपकी ज़रूरत है
हाँ हमें आपसे मुहब्बत है//1
दिल तेरे बिन लगे नहीं मेरा
साथ तेरा दिले-हिफाज़त है//2
ज़िंदगी नूर आपसे मेरी
आपकी चाहती इनायत है//3
साथ तेरे हसीं नज़ारे हैं
आपसे ज़िंदगी सलामत है//4
शाम भी रात सह्र भी अब तो
प्यार की कर रही हिमायत है//5
हर अदा आपकी लुभाती है
रूप की तू लिखी कहावत है//6
शेर ग़ज़लें तुम्हीं लिखाती हो
यार प्रीतम लिखे इज़ाजत है//7
आर.एस. ‘प्रीतम’
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