Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jun 2020 · 1 min read

अंतर कृष्ण और कृष्णा में

कृष्णा द्रौपदी को कहते हैं
कृष्ण कहते मेरे गिरधारी को
रूह से मुहब्बत सीखा जिन्होंने
तार दी बृजमण्डल की नारी को

मोहब्बत है पावन सिखाया जिसने
कहते हैं श्रीकृष्ण उस गिरधारी को
जिस्म का मोल नहीं है जग में
दिया उपदेश जिसने अर्जुन धनुर्धारी को

सभा में बचाकर लाज द्रौपदी की
जिसने बल से थका दिया व्यभिचारी को

कर जोड़ करे विनती पंडित
नहीं भूलो रासबिहारी को
थे नर रूपी नारी बन आए
है प्रणाम मेरा उस रूप मनिहारी को

✍?पंडित शैलेन्द्र शुक्ला
?writer_shukla

Language: Hindi
2 Likes · 2168 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

रिश्तों का एहसास
रिश्तों का एहसास
Dr. Pradeep Kumar Sharma
गलत को गलत क्या बता दिया
गलत को गलत क्या बता दिया
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
जाते जाते कुछ कह जाते --
जाते जाते कुछ कह जाते --
Seema Garg
किसी की बात सिर्फ इसलिए मत मानिए की वह बड़े हैं, उम्र का समझ
किसी की बात सिर्फ इसलिए मत मानिए की वह बड़े हैं, उम्र का समझ
Ritesh Deo
बड़ी अजब है जिंदगी,
बड़ी अजब है जिंदगी,
sushil sarna
खयालात( कविता )
खयालात( कविता )
Monika Yadav (Rachina)
एक बार मनुहार करना जरुर
एक बार मनुहार करना जरुर
Pratibha Pandey
4669.*पूर्णिका*
4669.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*Lesser expectations*
*Lesser expectations*
Poonam Matia
मुस्कुराता जीवन
मुस्कुराता जीवन
Santosh kumar Miri
अमृतमयी प्रेम
अमृतमयी प्रेम
Nitin Kulkarni
(1ग़ज़ल) बंजर पड़ी हैं धरती देखें सभी नदी को
(1ग़ज़ल) बंजर पड़ी हैं धरती देखें सभी नदी को
Jyoti Shrivastava(ज्योटी श्रीवास्तव)
कलरव में कोलाहल क्यों है?
कलरव में कोलाहल क्यों है?
Suryakant Dwivedi
ओ! मेरी प्रेयसी
ओ! मेरी प्रेयसी
SATPAL CHAUHAN
शीर्षक - मेरा भाग्य और कुदरत के रंग
शीर्षक - मेरा भाग्य और कुदरत के रंग
Neeraj Agarwal
★आखिरी पंक्ति ★
★आखिरी पंक्ति ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
*ये दिन भी गुजर जाएंगे*
*ये दिन भी गुजर जाएंगे*
Shashank Mishra
*यौगिक क्रिया सा ये कवि दल*
*यौगिक क्रिया सा ये कवि दल*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
सविनय निवेदन
सविनय निवेदन
कृष्णकांत गुर्जर
*पीता और पिलाता है*
*पीता और पिलाता है*
Dushyant Kumar
#शुभ_प्रतिपदा
#शुभ_प्रतिपदा
*प्रणय*
मैं मगर अपनी जिंदगी को, ऐसे जीता रहा
मैं मगर अपनी जिंदगी को, ऐसे जीता रहा
gurudeenverma198
জয় শিবের জয়
জয় শিবের জয়
Arghyadeep Chakraborty
"भरोसा"
Dr. Kishan tandon kranti
प्लास्टिक की गुड़िया!
प्लास्टिक की गुड़िया!
कविता झा ‘गीत’
पत्नी (दोहावली)
पत्नी (दोहावली)
Subhash Singhai
हाथों में हैं चूड़ियाँ,
हाथों में हैं चूड़ियाँ,
Aruna Dogra Sharma
अधूरा नहीं
अधूरा नहीं
Rambali Mishra
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
दहेज एक समस्या– गीत
दहेज एक समस्या– गीत
Abhishek Soni
Loading...