Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2017 · 1 min read

II..पाठ पढ़ ले प्रेम का…II

बात चलती जब कभी भी बंदगी की l
घेरने लगती है यादें फिर किसी की ll

मेरा रब वो मेरा ईश्वर है वही सब l
क्या है मंदिर और मस्जिद सब उसी की ll

पाठ पढ़ ले प्रेम का तो आदमी हम l
काम आए जिंदगी भी ए किसी की ll

शान से जीना यहां पर और जाना l
है करम जिसका इबादत भी उसी की ll

संजय सिंह “सलिल”
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश l

475 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नये पुराने लोगों के समिश्रण से ही एक नयी दुनियाँ की सृष्टि ह
नये पुराने लोगों के समिश्रण से ही एक नयी दुनियाँ की सृष्टि ह
DrLakshman Jha Parimal
♤⛳मातृभाषा हिन्दी हो⛳♤
♤⛳मातृभाषा हिन्दी हो⛳♤
SPK Sachin Lodhi
💐अज्ञात के प्रति-145💐
💐अज्ञात के प्रति-145💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भूला नहीं हूँ मैं अभी भी
भूला नहीं हूँ मैं अभी भी
gurudeenverma198
फागुन
फागुन
पंकज कुमार कर्ण
लिखने – पढ़ने का उद्देश्य/ musafir baitha
लिखने – पढ़ने का उद्देश्य/ musafir baitha
Dr MusafiR BaithA
■ आज का शेर
■ आज का शेर
*Author प्रणय प्रभात*
चांद ने सितारों से कहा,
चांद ने सितारों से कहा,
Radha jha
अब कहाँ मौत से मैं डरता हूँ
अब कहाँ मौत से मैं डरता हूँ
प्रीतम श्रावस्तवी
मेरे वश में नहीं है, तुम्हारी सजा मुकर्रर करना ।
मेरे वश में नहीं है, तुम्हारी सजा मुकर्रर करना ।
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
बुरे फँसे टिकट माँगकर (हास्य-व्यंग्य)
बुरे फँसे टिकट माँगकर (हास्य-व्यंग्य)
Ravi Prakash
आत्म बोध
आत्म बोध
DR ARUN KUMAR SHASTRI
फिरकापरस्ती
फिरकापरस्ती
Shekhar Chandra Mitra
ତାଙ୍କଠାରୁ ଅଧିକ
ତାଙ୍କଠାରୁ ଅଧିକ
Otteri Selvakumar
हमारी तुम्हारी मुलाकात
हमारी तुम्हारी मुलाकात
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मां ने जब से लिख दिया, जीवन पथ का गीत।
मां ने जब से लिख दिया, जीवन पथ का गीत।
Suryakant Dwivedi
लहर
लहर
Shyam Sundar Subramanian
"दरपन"
Dr. Kishan tandon kranti
मृत्युभोज
मृत्युभोज
अशोक कुमार ढोरिया
दोहा बिषय- दिशा
दोहा बिषय- दिशा
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
गांव की सैर
गांव की सैर
जगदीश लववंशी
My Guardian Angel
My Guardian Angel
Manisha Manjari
2457.पूर्णिका
2457.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
मेरे हर शब्द की स्याही है तू..
मेरे हर शब्द की स्याही है तू..
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
शिक्षा और संस्कार जीवंत जीवन के
शिक्षा और संस्कार जीवंत जीवन के
Neelam Sharma
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
आँख खुलते ही हमे उसकी सख़्त ज़रूरत होती है
आँख खुलते ही हमे उसकी सख़्त ज़रूरत होती है
KAJAL NAGAR
मन काशी मन द्वारिका,मन मथुरा मन कुंभ।
मन काशी मन द्वारिका,मन मथुरा मन कुंभ।
विमला महरिया मौज
Loading...