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17 May 2023 · 1 min read

होली

होली है भई होली है,
रंग-रंगीली होली है।

कुछ महकी, कुछ बहकी-बहकी,
हवा फागुनी हो ली है।

गुलाल, अबीर उड़ रहे गगन में,
धरा रंगीली हो ली है।

गलियन-गलियन धूम मचाती,
चली मस्तों की टोली है।

साजन के रंग रंग गयी सजनी,
भीगी चूनर- चोली है।

रचनाकार : कंचन खन्ना,
मुरादाबाद, ( उ०प्र०, भारत )
सर्वाधिकार, सुरक्षित (रचनाकार)
ता० : १७/०५/२०२३.

Language: Hindi
177 Views
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