Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Oct 2016 · 2 min read

हास्य -व्यंग्य कविता -समाज को जागरूक रखेंगे

समाज को जागरूक रखेंगे
———————————-
मैंने एक दिन चाहा खुली सड़क पर पीक थूकना ,
पीक थूकने से पहले भूल गया था दुकानदार से पूछना ।
इससे पहले कि मैं पीक थूकता उसने मुझे टोका ,
खुली सड़क पर पीक थूकने से मुझे रोका ।
उसने कहा कि यहाँ पीक थूकना मना है ,
बैसे तो इस सड़क का हर कोना पीक से सना है ।
यहाँ से कुछ दूरी पर एक पीकदान बना है ,
वहीं पीकदान में जाकर पीक थूकना है ।
मैंने कहा भाई मेरी पीक अटकी है गले में ,
बाद में बात करूँगा पीक थूकलूँ पहले मैं ।
उसने कहा साइड में चुपके से पीक थूक लीजिए ,
चुपके से पीक थूक लेनी चाहिए ये गुरु मन्त्र सीख लीजिए ।
तरह – तरह के लोग तरह – तरह की पीक थूकते हैं ,
कुछ लम्बी कुछ छिटकी कुछ हल्की कुछ गाडी पीक थूकते हैं ।
कुछ तम्बाकू की कुछ गुटके की तो कुछ पान की
कुछ आदत की तो कुछ प्रतीक बना लेते हैं शान की ।
पीक थूकना भी एक बहुत बड़ी कला है ,
पहले पान का था अब गुटखे का प्रचलन हो चला है ।
खूब खाओ गुटखा यदि किसी का हो जाये भला है ।
लेकिन गुटखा चबाना जिन्दगी के लिए एक बला है
तम्बाकू चबाना सिगरेट पीना कैंसर को देता है न्यौता ,
नशीले पदार्थों से सबको हो जाता है धोखा ।
नशा करना जीवन के लिए होता है खतरा ,
कभी नशा न करना सबको रहा हूँ बतरा ।
पान गुटखे तम्बाकू से हो जाता है कैंसर मुख का
जिसके ये हो जाता है उस पर पहाड़ टूट जाता है दुख का ।
मेरी है नशीहत है कबहुं न खइयो तम्बाकू गुटखा पान ,
सिगरेट आदि नशीले पदार्थों से गवानी पड़गी जान ।
नशे से सुख स्वास्थ्य और धन की होती है हानि ,
कभी नशा न करना मेरा कहना लो मानि ।
माता – पिता बीबी बच्चों को स्वस्थ रखने की खाओ कसम ,
समाज को स्वस्थ रखेंगे और स्वस्थ रहेंगे हम ।
यह जानकर हमने थूकी पीक खाई कसम स्वस्थ रहेंगे ,
खुद रहेंगे जागरूक समाज को जागरूक रखेंगे ।
:-डाँ तेज स्वरूप भारद्वाज -:

Language: Hindi
2191 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अभिव्यक्ति की सामरिकता - भाग 05 Desert Fellow Rakesh Yadav
अभिव्यक्ति की सामरिकता - भाग 05 Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
Kohre ki bunde chhat chuki hai,
Kohre ki bunde chhat chuki hai,
Sakshi Tripathi
ठहर गया
ठहर गया
sushil sarna
गौरैया बोली मुझे बचाओ
गौरैया बोली मुझे बचाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मेरी मां।
मेरी मां।
Taj Mohammad
मुक्तक
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
[ पुनर्जन्म एक ध्रुव सत्य ] अध्याय २.
[ पुनर्जन्म एक ध्रुव सत्य ] अध्याय २.
Pravesh Shinde
kavita
kavita
Rambali Mishra
सोच~
सोच~
दिनेश एल० "जैहिंद"
फितरत दुनिया की...
फितरत दुनिया की...
डॉ.सीमा अग्रवाल
लौट कर न आएगा
लौट कर न आएगा
Dr fauzia Naseem shad
*Hey You*
*Hey You*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
रूप जिसका आयतन है, नेत्र जिसका लोक है
रूप जिसका आयतन है, नेत्र जिसका लोक है
महेश चन्द्र त्रिपाठी
2522.पूर्णिका
2522.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
सबसे बड़ा पप्पू
सबसे बड़ा पप्पू
Shekhar Chandra Mitra
देख करके फूल उनको
देख करके फूल उनको
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
गणेश जी का हैप्पी बर्थ डे
गणेश जी का हैप्पी बर्थ डे
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कठिन परीक्षा
कठिन परीक्षा
surenderpal vaidya
जिनकी आंखों को धूप चुभे
जिनकी आंखों को धूप चुभे
*Author प्रणय प्रभात*
*कबूतर (बाल कविता)*
*कबूतर (बाल कविता)*
Ravi Prakash
तुझसे बिछड़ने के बाद
तुझसे बिछड़ने के बाद
Surinder blackpen
"अतितॄष्णा न कर्तव्या तॄष्णां नैव परित्यजेत्।
Mukul Koushik
उमेश शुक्ल के हाइकु
उमेश शुक्ल के हाइकु
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
जिंदगी बस एक सोच है।
जिंदगी बस एक सोच है।
Neeraj Agarwal
मंत्र: पिडजप्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
मंत्र: पिडजप्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
Harminder Kaur
ग़ज़ल/नज़्म - इश्क के रणक्षेत्र में बस उतरे वो ही वीर
ग़ज़ल/नज़्म - इश्क के रणक्षेत्र में बस उतरे वो ही वीर
अनिल कुमार
जब मैं तुमसे प्रश्न करूँगा,
जब मैं तुमसे प्रश्न करूँगा,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
*Khus khvab hai ye jindagi khus gam ki dava hai ye jindagi h
*Khus khvab hai ye jindagi khus gam ki dava hai ye jindagi h
Vicky Purohit
भ्रम
भ्रम
Shyam Sundar Subramanian
"कामना"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...