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शारदे स्तुति में एक कवित्त छंद

शारदे स्तुति में एक छंद
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विनती करूं मैं आज मात हाथ जोडिकें जी,
आइकें सभा में मात फेरी री लगाइ जा।
फसोए भंवर में री मात शिव तेरौ दास,
आइकें ओ मैया नैया पार री कराइ जा।।
हूँ अज्ञान मात मेरी टेरूँ कर जोड़ि तोइ,
आईकें ओ मैया मोइ ज्ञान री बताइ जा।
लेउ वीणा हाथ चढ़ो हंसा पै सरस्वती जी,
आईकें शिवम की माँ लाज री बचाइ जा।।
.
लेखन:-शिवम् कुमार यादव सिकंदरा राव (हाथरस)
मों.८३९२८०१४५६

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