Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Feb 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-277💐

रिंदों से पहचान पूछना हमारी तुम,
अव्वल हैं पैमाना-ए-‘इश्क़ में शुमार हैं।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
162 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तुम ही तो हो
तुम ही तो हो
Ashish Kumar
सद्विचार
सद्विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
आईने में अगर
आईने में अगर
Dr fauzia Naseem shad
कागज़ ए जिंदगी
कागज़ ए जिंदगी
Neeraj Agarwal
शून्य
शून्य
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
*दहेज*
*दहेज*
Rituraj shivem verma
किसी ग़रीब को
किसी ग़रीब को
*प्रणय प्रभात*
चाय की प्याली!
चाय की प्याली!
कविता झा ‘गीत’
आदमी खरीदने लगा है आदमी को ऐसे कि-
आदमी खरीदने लगा है आदमी को ऐसे कि-
Mahendra Narayan
तूफान सी लहरें मेरे अंदर है बहुत
तूफान सी लहरें मेरे अंदर है बहुत
कवि दीपक बवेजा
बेटी उड़ान पर बाप ढलान पर👰👸🙋👭🕊️🕊️
बेटी उड़ान पर बाप ढलान पर👰👸🙋👭🕊️🕊️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
शादी की उम्र नहीं यह इनकी
शादी की उम्र नहीं यह इनकी
gurudeenverma198
मुक़ाम क्या और रास्ता क्या है,
मुक़ाम क्या और रास्ता क्या है,
SURYA PRAKASH SHARMA
मजदूर
मजदूर
Dinesh Kumar Gangwar
2570.पूर्णिका
2570.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
!! सत्य !!
!! सत्य !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
हरसिंगार
हरसिंगार
Shweta Soni
मन से चाहे बिना मनचाहा नहीं पा सकते।
मन से चाहे बिना मनचाहा नहीं पा सकते।
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हमारी समस्या का समाधान केवल हमारे पास हैl
हमारी समस्या का समाधान केवल हमारे पास हैl
Ranjeet kumar patre
जब गेंद बोलती है, धरती हिलती है, मोहम्मद शमी का जादू, बयां क
जब गेंद बोलती है, धरती हिलती है, मोहम्मद शमी का जादू, बयां क
Sahil Ahmad
जन्मदिवस विशेष 🌼
जन्मदिवस विशेष 🌼
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
बाकी सब कुछ चंगा बा
बाकी सब कुछ चंगा बा
Shekhar Chandra Mitra
बिहार, दलित साहित्य और साहित्य के कुछ खट्टे-मीठे प्रसंग / MUSAFIR BAITHA
बिहार, दलित साहित्य और साहित्य के कुछ खट्टे-मीठे प्रसंग / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
आंख पर पट्टी बांधे ,अंधे न्याय तौल रहे हैं ।
आंख पर पट्टी बांधे ,अंधे न्याय तौल रहे हैं ।
Slok maurya "umang"
जय माँ कालरात्रि 🙏
जय माँ कालरात्रि 🙏
डॉ.सीमा अग्रवाल
टूटते उम्मीदों कि उम्मीद
टूटते उम्मीदों कि उम्मीद
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"मन की संवेदनाएं: जीवन यात्रा का परिदृश्य"
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*जितना आसान है*
*जितना आसान है*
नेताम आर सी
माँ के बिना घर आंगन अच्छा नही लगता
माँ के बिना घर आंगन अच्छा नही लगता
Basant Bhagawan Roy
विश्व पर्यावरण दिवस
विश्व पर्यावरण दिवस
Ram Krishan Rastogi
Loading...