Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 May 2024 · 1 min read

मै बेरोजगारी पर सवार हु

विसय. बेरोजगारी पर सवार
विधा. मुक्तक
दिनांक. २०:५:२०२४

212 212. 212. 22
जिन्दगी का एक पल अब हावि हैं”.
बन्दगी की सादगी आजादी है !

बरस कई बीत गये यही पीड़ा है:।
किताबो संग नाता रख आयाज हू

शास्त्रो का गठजोड़ इस मन को कहा,
ज्ञान तेरा व्यर्थ हैं जीवन की जकरत की नाजायज रख

वृक्ष बन तू ज्ञानदार ज्ञान की शाखा पर
तेरे वजूद पर प्रश्न चिन्ह रख घूमता फिरा पागल बन

सक्षमता की बना तू इसी राही की
सूक्ष्मता में गूल हुआ गुलशन बहारी पर

खतरा भाप तू अपने मायूष मन से.
आस-पड़ोस को को व्यंग ब बन खिला रहा

औकात तुम पर हावि बन राजी थी
सौगात तुमने हावि रख हुनर की भाजी थी

नापसन्द की उम्मीद पर नाजायज काम से
आज में बेरोजगारी पर सवार हूँ

भारत कुमार सोलंकी

1 Like · 29 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
भोलेनाथ
भोलेनाथ
Adha Deshwal
सावन में संदेश
सावन में संदेश
Er.Navaneet R Shandily
सिखों का बैसाखी पर्व
सिखों का बैसाखी पर्व
कवि रमेशराज
नौजवान सुभाष
नौजवान सुभाष
Aman Kumar Holy
गीता में लिखा है...
गीता में लिखा है...
Omparkash Choudhary
दिल में बसाना नहीं चाहता
दिल में बसाना नहीं चाहता
Ramji Tiwari
Kahi pass akar ,ek dusre ko hmesha ke liye jan kar, hum dono
Kahi pass akar ,ek dusre ko hmesha ke liye jan kar, hum dono
Sakshi Tripathi
इच्छा और परीक्षा
इच्छा और परीक्षा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
--> पुण्य भूमि भारत <--
--> पुण्य भूमि भारत <--
Ms.Ankit Halke jha
#Dr Arun Kumar shastri
#Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मैं भी साथ चला करता था
मैं भी साथ चला करता था
VINOD CHAUHAN
जीवन छोटा सा कविता
जीवन छोटा सा कविता
कार्तिक नितिन शर्मा
मेरी मां।
मेरी मां।
Taj Mohammad
!! मन रखिये !!
!! मन रखिये !!
Chunnu Lal Gupta
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
Khaimsingh Saini
नुकसान हो या मुनाफा हो
नुकसान हो या मुनाफा हो
Manoj Mahato
*भगत सिंह हूँ फैन  सदा तेरी शराफत का*
*भगत सिंह हूँ फैन सदा तेरी शराफत का*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हम शरीर हैं, ब्रह्म अंदर है और माया बाहर। मन शरीर को संचालित
हम शरीर हैं, ब्रह्म अंदर है और माया बाहर। मन शरीर को संचालित
Sanjay ' शून्य'
ग्रन्थ
ग्रन्थ
Satish Srijan
People often dwindle in a doubtful question,
People often dwindle in a doubtful question,
Sukoon
छोड़ जाते नही पास आते अगर
छोड़ जाते नही पास आते अगर
कृष्णकांत गुर्जर
■ सार संक्षेप...
■ सार संक्षेप...
*प्रणय प्रभात*
मैं
मैं
Dr.Pratibha Prakash
चाँद से वार्तालाप
चाँद से वार्तालाप
Dr MusafiR BaithA
वैसे जीवन के अगले पल की कोई गारन्टी नही है
वैसे जीवन के अगले पल की कोई गारन्टी नही है
शेखर सिंह
"दो कदम दूर"
Dr. Kishan tandon kranti
There is nothing wrong with slowness. All around you in natu
There is nothing wrong with slowness. All around you in natu
पूर्वार्थ
सफ़ीना छीन कर सुनलो किनारा तुम न पाओगे
सफ़ीना छीन कर सुनलो किनारा तुम न पाओगे
आर.एस. 'प्रीतम'
"" *भारत* ""
सुनीलानंद महंत
सूरज का ताप
सूरज का ताप
Namita Gupta
Loading...