Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Mar 2024 · 1 min read

मन का महाभारत

युद्ध चल रहा है, उर के रण समर में
कुरुक्षेत्र बन गया है, मेरे ह्रदय स्थल में
यह युद्ध झूंठ सांच का, पुण्य और पाप का
अपने और पराए का, स्वार्थ और परमार्थ का
यह युद्ध दीन हीन का, सशक्त और वीर का
देकर दलीलें अपनी, धाक जमा रहे मन में
चला रहे अस्त्र सभी, मेरे इस मृदु मन में
मन है ये बहुत कोमल, राहें बड़ी हैं मुश्किल
सत्य न हो ओझल, सत्य ही बने सबल
सत्य की विजय हो, उर के रण समर में
कुरुक्षेत्र बन गया है, मेरे हृदय स्थल में

सुरेश कुमार चतुर्वेदी

9 Likes · 6 Comments · 76 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from सुरेश कुमार चतुर्वेदी
View all
You may also like:
2815. *पूर्णिका*
2815. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मेरे विचार
मेरे विचार
Anju
मोहब्बत
मोहब्बत
AVINASH (Avi...) MEHRA
"सहर देना"
Dr. Kishan tandon kranti
शे'र
शे'र
Anis Shah
गांधी जी का चौथा बंदर
गांधी जी का चौथा बंदर
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
मुझको कभी भी आजमाकर देख लेना
मुझको कभी भी आजमाकर देख लेना
Ram Krishan Rastogi
हम समुंदर का है तेज, वह झरनों का निर्मल स्वर है
हम समुंदर का है तेज, वह झरनों का निर्मल स्वर है
Shubham Pandey (S P)
गांव
गांव
Bodhisatva kastooriya
समझौता
समझौता
Shyam Sundar Subramanian
सज्जन पुरुष दूसरों से सीखकर
सज्जन पुरुष दूसरों से सीखकर
Bhupendra Rawat
*हॅंसते बीता बचपन यौवन, वृद्ध-आयु दुखदाई (गीत)*
*हॅंसते बीता बचपन यौवन, वृद्ध-आयु दुखदाई (गीत)*
Ravi Prakash
विश्व कविता दिवस
विश्व कविता दिवस
विजय कुमार अग्रवाल
*आदत बदल डालो*
*आदत बदल डालो*
Dushyant Kumar
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
*शिव शक्ति*
*शिव शक्ति*
Shashi kala vyas
ऐ दिल न चल इश्क की राह पर,
ऐ दिल न चल इश्क की राह पर,
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
* गीत मनभावन सुनाकर *
* गीत मनभावन सुनाकर *
surenderpal vaidya
किसी भी चीज़ की आशा में गवाँ मत आज को देना
किसी भी चीज़ की आशा में गवाँ मत आज को देना
आर.एस. 'प्रीतम'
मैं जानती हूँ तिरा दर खुला है मेरे लिए ।
मैं जानती हूँ तिरा दर खुला है मेरे लिए ।
Neelam Sharma
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बरसें प्रभुता-मेह...
बरसें प्रभुता-मेह...
डॉ.सीमा अग्रवाल
हम भारतीयों की बात ही निराली है ....
हम भारतीयों की बात ही निराली है ....
ओनिका सेतिया 'अनु '
"ज्ञ " से ज्ञानी हम बन जाते हैं
Ghanshyam Poddar
आज़ादी के दीवानों ने
आज़ादी के दीवानों ने
करन ''केसरा''
विचार, संस्कार और रस [ तीन ]
विचार, संस्कार और रस [ तीन ]
कवि रमेशराज
दिलों के खेल
दिलों के खेल
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
ईश्वर का
ईश्वर का "ह्यूमर" - "श्मशान वैराग्य"
Atul "Krishn"
तू नहीं है तो ये दुनियां सजा सी लगती है।
तू नहीं है तो ये दुनियां सजा सी लगती है।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...