Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jul 2023 · 2 min read

बेटियां बोझ नहीं होती

बेटों सा हर फर्ज़ तो वो भी निभा जाती है
दुख दर्द हर तकलीफ में वो भी साथ देती है
फिर भी दुनियां वाले उन्हें पराया कहते फिरते है
इन दुनियां वालों को बतलाए कोई
कि बेटियां पराई नहीं होती है.

भेदभाव, अत्याचार सब कुछ वो सह जाती है
संघर्ष, त्याग और समर्पण की वो जीती जागती मिसाल है
फिर भी दुनियां वाले उसकी इज़्ज़त नहीं करते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां सहनशीलता की मूरत है.

मां बाप की सेवा, सास ससुर का ध्यान रखती है
दो घरों को एक गठरी में वो जोड़े रखती है
फिर भी दुनियां वाले उसे तंज कसते रहते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां बेटों सी जिम्मेदार होती है.

मां बाप का अभिमान, परिवार का वो सम्मान है
सृष्टि की उत्पत्ति का वो प्रारंभिक बीज है
फिर भी दुनियां वाले बिना गलती उसे दुत्कारते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां से ही जीवन जन्नत है.

घर आंगन को खुशियों से गुलजार वो करती है
हर रिश्ते पर लाड़ प्यार लूटा परिवार को संवारती है
फिर भी व्यक्तिगत शत्रुता में बहन बेटियां बेइज्जत की जाती है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां देश का अभिमान होती है.

बेटों की तरह बेटियां भी घर का दीपक होती है
असीम दुलार पाने की वो हकदार होती है
फिर भी दुनियां वाले उसे वो सम्मान नहीं देते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां अनमोल रतन होती है.

मुस्कुराकर अपमान का हर घुट को वो पी जाती है
ज़माने की जंजीरों में जकड़े हुए भी वो आगे बढ़ती जाती है
फिर भी दुनियां वाले उसे कमजोर कहते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां कमज़ोर नहीं होती है.

हर छेत्र में अपना परचम वो भी लहरा रही है
अवसर मिले तो बेटों सा इतिहास वो भी गढ़ जाती है
फिर भी दुनियां वाले उन्हें बोझ समझते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां मां बाप पर बोझ नहीं होती है.

एक बहु की चाहत यूं तो हर कोई रखता है
पर कोख में ही अस्तित्व बेटी का मिटा देते है
देकर बेटों को ज्यादा महत्व बेटी को कमतर समझते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां घर का सौभाग्य होती है.

लक्ष्मी-सरस्वती की चाह यूं तो सभी रखते है
पर दुआ कोई भी इक बेटी की नहीं करता है
पुरुष प्रधान इस जग में सभी बेटे की चाह में जीते है
इन दुनियां वालों को समझाए कोई
कि बेटियां आने वाला कल है.

– सुमन मीना (अदिति)

2 Likes · 1 Comment · 533 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गम हमें होगा बहुत
गम हमें होगा बहुत
VINOD CHAUHAN
इश्क़ गुलाबों की महक है, कसौटियों की दांव है,
इश्क़ गुलाबों की महक है, कसौटियों की दांव है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*आयु पूर्ण कर अपनी-अपनी, सब दुनिया से जाते (मुक्तक)*
*आयु पूर्ण कर अपनी-अपनी, सब दुनिया से जाते (मुक्तक)*
Ravi Prakash
स्वयं को सुधारें
स्वयं को सुधारें
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
चल बन्दे.....
चल बन्दे.....
Srishty Bansal
मौलिक विचार
मौलिक विचार
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
मैं मोहब्बत हूं
मैं मोहब्बत हूं
Ritu Asooja
मैं यूं ही नहीं इतराता हूं।
मैं यूं ही नहीं इतराता हूं।
नेताम आर सी
मौन पर एक नजरिया / MUSAFIR BAITHA
मौन पर एक नजरिया / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
दिल पर दस्तक
दिल पर दस्तक
Surinder blackpen
जिंदगी.... कितनी ...आसान.... होती
जिंदगी.... कितनी ...आसान.... होती
Dheerja Sharma
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जंग के भरे मैदानों में शमशीर बदलती देखी हैं
जंग के भरे मैदानों में शमशीर बदलती देखी हैं
Ajad Mandori
2329. पूर्णिका
2329. पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
जीवन में मोह माया का अपना रंग है।
जीवन में मोह माया का अपना रंग है।
Neeraj Agarwal
कृष्ण चतुर्थी भाद्रपद, है गणेशावतार
कृष्ण चतुर्थी भाद्रपद, है गणेशावतार
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*****खुद का परिचय *****
*****खुद का परिचय *****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
बृद्धाश्रम विचार गलत नहीं है, यदि संस्कृति और वंश को विकसित
बृद्धाश्रम विचार गलत नहीं है, यदि संस्कृति और वंश को विकसित
Sanjay ' शून्य'
यह तुम्हारी गलत सोच है
यह तुम्हारी गलत सोच है
gurudeenverma198
खुद में, खुद को, खुद ब खुद ढूंढ़ लूंगा मैं,
खुद में, खुद को, खुद ब खुद ढूंढ़ लूंगा मैं,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
रिश्ते फीके हो गए
रिश्ते फीके हो गए
पूर्वार्थ
"" *हाय रे....* *गर्मी* ""
सुनीलानंद महंत
बड़े इत्मीनान से सो रहे हो,
बड़े इत्मीनान से सो रहे हो,
Buddha Prakash
सब कुछ लुटा दिया है तेरे एतबार में।
सब कुछ लुटा दिया है तेरे एतबार में।
Phool gufran
जिस प्रकार इस धरती में गुरुत्वाकर्षण समाहित है वैसे ही इंसान
जिस प्रकार इस धरती में गुरुत्वाकर्षण समाहित है वैसे ही इंसान
Rj Anand Prajapati
शीतलहर
शीतलहर
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
The Moon and Me!!
The Moon and Me!!
Rachana
Miss you Abbu,,,,,,
Miss you Abbu,,,,,,
Neelofar Khan
माँ का प्यार है अनमोल
माँ का प्यार है अनमोल
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
1) आखिर क्यों ?
1) आखिर क्यों ?
पूनम झा 'प्रथमा'
Loading...