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8 Feb 2024 · 1 min read

*नारी के सोलह श्रृंगार*

नारी के सोलह श्रृंगार

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
लगती हो किसी राजा की राजकुमारी।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
आँखों में कजरा , बालों में गज़रा।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
पैरों में पायल , हाथों में चूड़ी।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
होंठों पर लाली , कानो में बाली।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
मस्तक पर टीका, माँग में सिंदूर।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
सिर पर पगड़ी , कमर पर तगड़ी।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
हाथों में मेहँदी , पग में महावर।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
गले में कंठी , हस्त ऊंगली में अँगूठी।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
नथ में नथनी , पग में बिछिनी।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
कलाई में कंगना , बाँह में बाजूबंद।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
नख में रंगभरी , केश में चूरामणि।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
तन पर उबटन , बदन पर लाल
वस्त्र का लिपटन।।

हे नारी ! तुम लगती सबसे प्यारी
जब करती सोलह श्रृंगार
लगती हो किसी राजा की राजकुमारी।।
॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
रचियता- 😇 डॉ० वैशाली ✍🏻

Language: Hindi
1 Like · 98 Views
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