Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 May 2024 · 1 min read

करवां उसका आगे ही बढ़ता रहा।

गज़ल-

212/212/212/212
करवां उसका आगे ही बढ़ता रहा।
झूठ को सच बताकर वो छलता रहा।1

वो अमीरों को अपना बनाता रहा।
जो था मुफलिस वो बेमौत मरता रहा।2

सबको सपने सुनहरे दिखाए गये,
सच ये हर शख्स बस हाथ मलता रहा।3

उसके चहरे की पहचान मुश्किल बहुत,
रंग गिरगिट के जैसे बदलता रहा।4

था बड़ा नासमझ अपना घर बेचकर,
ऐश दुनिया के हर रोज करता रहा। 5

जाति मजहब का जाला बुना इस तरह,
फॅंस के हर शय इसी में उलझता रहा।6

प्रेम कर ले तू ‘प्रेमी’ है पागल न बन।
है पतन तय तेरा यूं ही चलता रहा।7

………✍️ सत्य कुमार प्रेमी

24 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
#शेर-
#शेर-
*प्रणय प्रभात*
हैप्पी न्यू ईयर 2024
हैप्पी न्यू ईयर 2024
Shivkumar Bilagrami
कृष्ण कन्हैया
कृष्ण कन्हैया
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
ज़िंदगी
ज़िंदगी
Dr. Seema Varma
दर्द देह व्यापार का
दर्द देह व्यापार का
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
ईश्वर के नाम पत्र
ईश्वर के नाम पत्र
Indu Singh
जो व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित कर लेता है उसको दूसरा कोई कि
जो व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित कर लेता है उसको दूसरा कोई कि
Rj Anand Prajapati
अच्छा लगता है
अच्छा लगता है
Harish Chandra Pande
जी रहे है तिरे खयालों में
जी रहे है तिरे खयालों में
Rashmi Ranjan
एक बार बोल क्यों नहीं
एक बार बोल क्यों नहीं
goutam shaw
पर्यावरण
पर्यावरण
नवीन जोशी 'नवल'
अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर
अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर
सत्य कुमार प्रेमी
याद रे
याद रे
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
चन्द्रयान..…......... चन्द्रमा पर तिरंगा
चन्द्रयान..…......... चन्द्रमा पर तिरंगा
Neeraj Agarwal
मदर्स डे
मदर्स डे
Dr. Pradeep Kumar Sharma
भीम राव हैं , तारणहार मेरा।
भीम राव हैं , तारणहार मेरा।
Buddha Prakash
दिव्य दर्शन है कान्हा तेरा
दिव्य दर्शन है कान्हा तेरा
Neelam Sharma
"ख्वाहिश"
Dr. Kishan tandon kranti
फितरत
फितरत
Sidhartha Mishra
बेमतलब सा तू मेरा‌, और‌ मैं हर मतलब से सिर्फ तेरी
बेमतलब सा तू मेरा‌, और‌ मैं हर मतलब से सिर्फ तेरी
Minakshi
फूल,पत्ते, तृण, ताल, सबकुछ निखरा है
फूल,पत्ते, तृण, ताल, सबकुछ निखरा है
Anil Mishra Prahari
भारत अपना देश
भारत अपना देश
प्रदीप कुमार गुप्ता
अबोध प्रेम
अबोध प्रेम
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
दोस्त को रोज रोज
दोस्त को रोज रोज "तुम" कहकर पुकारना
ruby kumari
Keep yourself secret
Keep yourself secret
Sakshi Tripathi
जितनी मेहनत
जितनी मेहनत
Shweta Soni
अपराह्न का अंशुमान
अपराह्न का अंशुमान
Satish Srijan
श्री राम अर्चन महायज्ञ
श्री राम अर्चन महायज्ञ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
2796. *पूर्णिका*
2796. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
🌸 सभ्य समाज🌸
🌸 सभ्य समाज🌸
पूर्वार्थ
Loading...