Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Feb 2017 · 1 min read

ऐसे मात-पिता पाए (ताटक छंद)

सुंदर घर ये देखो अपना, माँ बापू की यादे है
वही बसाता घरको देखो, जिसके नेक इरादे है |
माँ बापू ने इसे बसाया, अपने खून पसीने से
पाला पोसा सब बच्चों को, सदा लगाया सीने से |

तिनका तिनका जोड़ रहे थे, सुख की चैन नहीं सोये
करी सिलाई खुद हाथों से, बच्चों के कपडें धोये |
रूखा सुखा खाकर पाला, बिसरायी सब इच्छाएं
यही कामना रही ह्रदय में, बच्चों में खुशियाँ छाये |

गर्व हमें भी है इसका तो, ऐसे मात-पिता पाए,
त्याग किया सर्वस्व जिन्होने,शिक्षा हमें दिला पाए |
हमको जो संस्कार मिले है. वह बच्चो को दे जाए,
यही प्रार्थना करूँ ईश से, वे कर्त्तव्य निभा पाए |
(2) पीड़ित है जनता सारी
आम आदमी संकट में है,कुछ भी राह नहीं पायी
मनमानी पर उतरे नेता, आजादी उनको भायी |
बाढ़ सामने या अकाल है, महँगाई बहती जाती
आँखे पथरा रही कृषक की,खेती रास नहीं आती |

नील गगन से बादल गायब, नहीं बरसता है पानी,
इंद्रदेव भी रुष्ट हुए है, करते अपनी मनमानी |
अफरा तफरी मची हुई है, पीड़ित है जनता सारी
ताल तलैया सूख गये सब, पशुओ का मरना जारी |

कर्त्तव्यों को भुला चुके सब, बस अधिकार जताते है
शासन-सत्ता नेता-जमता. डफली खूब बजाते है |
रहा न कोई न्याय नियन्ता,अन्धा न्याय पड़े भारी
सत्य अहिंसा चले कहाँ तक, आहत है जनता सारी |

– लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

Language: Hindi
2 Likes · 1 Comment · 676 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
रोला छंद
रोला छंद
sushil sarna
हजारों लोग मिलेंगे तुम्हें
हजारों लोग मिलेंगे तुम्हें
ruby kumari
मेरी हर इक ग़ज़ल तेरे नाम है कान्हा!
मेरी हर इक ग़ज़ल तेरे नाम है कान्हा!
Neelam Sharma
24/251. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/251. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
चांद छुपा बादल में
चांद छुपा बादल में
DR ARUN KUMAR SHASTRI
दिव्य ज्योति मुखरित भेल ,ह्रदय जुड़ायल मन हर्षित भेल !पाबि ले
दिव्य ज्योति मुखरित भेल ,ह्रदय जुड़ायल मन हर्षित भेल !पाबि ले
DrLakshman Jha Parimal
नए मुहावरे का चाँद
नए मुहावरे का चाँद
Dr MusafiR BaithA
मुस्कान है
मुस्कान है
Dr. Sunita Singh
अदाकारियां
अदाकारियां
Surinder blackpen
वसंत पंचमी
वसंत पंचमी
Bodhisatva kastooriya
धोखा
धोखा
Paras Nath Jha
शुरुआत जरूरी है
शुरुआत जरूरी है
Shyam Pandey
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
चंडीगढ़ का रॉक गार्डेन
चंडीगढ़ का रॉक गार्डेन
Satish Srijan
चंदन माँ पन्ना की कल्पनाएँ
चंदन माँ पन्ना की कल्पनाएँ
Anil chobisa
■अहम सवाल■
■अहम सवाल■
*Author प्रणय प्रभात*
सरकारी नौकरी में, मौज करना छोड़ो
सरकारी नौकरी में, मौज करना छोड़ो
gurudeenverma198
*ख़ुशी की बछिया* ( 15 of 25 )
*ख़ुशी की बछिया* ( 15 of 25 )
Kshma Urmila
खत उसनें खोला भी नहीं
खत उसनें खोला भी नहीं
Sonu sugandh
..........अकेला ही.......
..........अकेला ही.......
Naushaba Suriya
अंदर से टूट कर भी
अंदर से टूट कर भी
Dr fauzia Naseem shad
जग की आद्या शक्ति हे ,माता तुम्हें प्रणाम( कुंडलिया )
जग की आद्या शक्ति हे ,माता तुम्हें प्रणाम( कुंडलिया )
Ravi Prakash
💐प्रेम कौतुक-378💐
💐प्रेम कौतुक-378💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Ye sham adhuri lagti hai
Ye sham adhuri lagti hai
Sakshi Tripathi
स्वयं की खोज कैसे करें
स्वयं की खोज कैसे करें
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
!! होली के दिन !!
!! होली के दिन !!
Chunnu Lal Gupta
अब तो ऐसा कोई दिया जलाया जाये....
अब तो ऐसा कोई दिया जलाया जाये....
shabina. Naaz
मेघ
मेघ
Rakesh Rastogi
थोड़ा पैसा कमाने के लिए दूर क्या निकले पास वाले दूर हो गये l
थोड़ा पैसा कमाने के लिए दूर क्या निकले पास वाले दूर हो गये l
Ranjeet kumar patre
जो भक्त महादेव का,
जो भक्त महादेव का,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...