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16 Mar 2023 · 1 min read

उसकी रहमत से खिलें, बंजर में भी फूल।

उसकी रहमत से खिलें, बंजर में भी फूल।
भ्रकुटी उसकी गर तने, चुभें सेज पर शूल।।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद

Language: Hindi
2 Likes · 176 Views
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