Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Feb 2024 · 1 min read

आएंगे तो मोदी ही

बिरले होते हैं पूत यहां, जो इस मां का कर्ज चुकाते है।
ज्यादा तर चोर उचक्के तो चोरी कर घर ही चलाते हैं।।

जो किया समर्पित जीवन को,आठ पहर बस देश देश।
न खाऊंगा, न खाने दूंगा, खुलकर कहता है ये संदेश।।

हैं डरे हुए अब सभी चोर अब चुनकर कभी न आयेंगे।
जनता चिल्लाकर बोल रही चौबीस में मोदी ही आएंगे।।

जय हिंद

Language: Hindi
1 Like · 51 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ला-फ़ानी
ला-फ़ानी
Shyam Sundar Subramanian
ग़ज़ल
ग़ज़ल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
बातें कल भी होती थी, बातें आज भी होती हैं।
बातें कल भी होती थी, बातें आज भी होती हैं।
ओसमणी साहू 'ओश'
एक फूल खिला आगंन में
एक फूल खिला आगंन में
shabina. Naaz
*भरत चले प्रभु राम मनाने (कुछ चौपाइयॉं)*
*भरत चले प्रभु राम मनाने (कुछ चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
शीर्षक - स्वप्न
शीर्षक - स्वप्न
Neeraj Agarwal
तड़प कर मर रही हूं तुझे ही पाने के लिए
तड़प कर मर रही हूं तुझे ही पाने के लिए
Ram Krishan Rastogi
Ek ladki udas hoti hai
Ek ladki udas hoti hai
Sakshi Tripathi
नच ले,नच ले,नच ले, आजा तू भी नच ले
नच ले,नच ले,नच ले, आजा तू भी नच ले
gurudeenverma198
💐प्रेम कौतुक-501💐💐
💐प्रेम कौतुक-501💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भारत देश
भारत देश
लक्ष्मी सिंह
पुस्तक समीक्षा-सपनों का शहर
पुस्तक समीक्षा-सपनों का शहर
दुष्यन्त 'बाबा'
मेहनत की कमाई
मेहनत की कमाई
Dr. Pradeep Kumar Sharma
शंकर हुआ हूँ (ग़ज़ल)
शंकर हुआ हूँ (ग़ज़ल)
Rahul Smit
कभी लगते थे, तेरे आवाज़ बहुत अच्छे
कभी लगते थे, तेरे आवाज़ बहुत अच्छे
Anand Kumar
कैसै कह दूं
कैसै कह दूं
Dr fauzia Naseem shad
बुजुर्ग ओनर किलिंग
बुजुर्ग ओनर किलिंग
Mr. Rajesh Lathwal Chirana
कभी-कभी वक़्त की करवट आपको अचंभित कर जाती है.......चाहे उस क
कभी-कभी वक़्त की करवट आपको अचंभित कर जाती है.......चाहे उस क
Seema Verma
तुमको कुछ दे नहीं सकूँगी
तुमको कुछ दे नहीं सकूँगी
Shweta Soni
मज़दूर
मज़दूर
Shekhar Chandra Mitra
“इंडिया अगेनेस्ट करप्शन”
“इंडिया अगेनेस्ट करप्शन”
*Author प्रणय प्रभात*
"बन्दगी" हिंदी ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
हिंदी है पहचान
हिंदी है पहचान
Seema gupta,Alwar
2567.पूर्णिका
2567.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
फूल और कांटे
फूल और कांटे
अखिलेश 'अखिल'
"कहाँ नहीं है राख?"
Dr. Kishan tandon kranti
हमें
हमें
sushil sarna
विडंबना इस युग की ऐसी, मानवता यहां लज्जित है।
विडंबना इस युग की ऐसी, मानवता यहां लज्जित है।
Manisha Manjari
नवरात्रि की शुभकामनाएँ। जय माता दी।
नवरात्रि की शुभकामनाएँ। जय माता दी।
Anil Mishra Prahari
ये मन तुझसे गुजारिश है, मत कर किसी को याद इतना
ये मन तुझसे गुजारिश है, मत कर किसी को याद इतना
$úDhÁ MãÚ₹Yá
Loading...