Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Apr 2024 · 1 min read

“अह शब्द है मजेदार”

“अह शब्द है मजेदार”
अह शब्द है मजेदार
जो कई-कई राज छुपाए,
आह अचरज हँसी
सब की झलक दिखाए।
कान मरोड़ते अह निकले
रहम करो आज टीचर,
पाठ याद कर कल मैं आऊँ
रहूंगा न अब फटीचर।

2 Likes · 2 Comments · 31 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
चिंतन करत मन भाग्य का
चिंतन करत मन भाग्य का
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
■ उसकी रज़ा, अपना मज़ा।।
■ उसकी रज़ा, अपना मज़ा।।
*Author प्रणय प्रभात*
जरा सी गलतफहमी पर
जरा सी गलतफहमी पर
Vishal babu (vishu)
रमेशराज के 2 मुक्तक
रमेशराज के 2 मुक्तक
कवि रमेशराज
मोहब्बत का वो तोहफ़ा मैंने संभाल कर रखा है
मोहब्बत का वो तोहफ़ा मैंने संभाल कर रखा है
Rekha khichi
गाय
गाय
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मुहब्बत सचमें ही थी।
मुहब्बत सचमें ही थी।
Taj Mohammad
आज भी अधूरा है
आज भी अधूरा है
Pratibha Pandey
मुक्तक...छंद पद्मावती
मुक्तक...छंद पद्मावती
डॉ.सीमा अग्रवाल
मोदी जी ; देश के प्रति समर्पित
मोदी जी ; देश के प्रति समर्पित
कवि अनिल कुमार पँचोली
2695.*पूर्णिका*
2695.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हां राम, समर शेष है
हां राम, समर शेष है
Suryakant Dwivedi
वो स्पर्श
वो स्पर्श
Kavita Chouhan
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मातृत्व दिवस खास है,
मातृत्व दिवस खास है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
एक नयी शुरुआत !!
एक नयी शुरुआत !!
Rachana
* पानी केरा बुदबुदा *
* पानी केरा बुदबुदा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
प्यार
प्यार
Anil chobisa
गले से लगा ले मुझे प्यार से
गले से लगा ले मुझे प्यार से
Basant Bhagawan Roy
माँ
माँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
आदमी की आँख
आदमी की आँख
Dr. Kishan tandon kranti
*माॅं की चाहत*
*माॅं की चाहत*
Harminder Kaur
काश.! मैं वृक्ष होता
काश.! मैं वृक्ष होता
Dr. Mulla Adam Ali
ममता का सागर
ममता का सागर
भरत कुमार सोलंकी
कोई होटल की बिखरी ओस में भींग रहा है
कोई होटल की बिखरी ओस में भींग रहा है
Akash Yadav
mujhe needno se jagaya tha tumne
mujhe needno se jagaya tha tumne
Anand.sharma
कर लो चाहे जो जतन, नहीं गलेगी दाल
कर लो चाहे जो जतन, नहीं गलेगी दाल
Ravi Prakash
शमशान की राख देखकर मन में एक खयाल आया
शमशान की राख देखकर मन में एक खयाल आया
शेखर सिंह
मन का महाभारत
मन का महाभारत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
एक पत्नी अपने पति को तन मन धन बड़ी सहजता से सौंप देती है देत
एक पत्नी अपने पति को तन मन धन बड़ी सहजता से सौंप देती है देत
Annu Gurjar
Loading...