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21 Jun 2017 · 1 min read

🚩अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश

✒️
लेखन वह, जो राष्ट्रहित- सजग चेतनाकाश
देकर, बने सु प्रीति सह मातृभूमि-उल्लास|
सहजरूप गह, दिव्यता का छूू ले उत्कर्ष|
अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश|
………………………………………………….
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” कृति का मुक्तक

बृजेश कुमार नायक
21-06-2017

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
462 Views
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