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शरीर रूपी प्रतीकात्मक उपदेशक भजन

कवि शिरोमणि पं. राजेराम भारद्वाज संगीताचार्य @ संकलनकर्ता - सन्दीप कौशिक उपदेशक भजन कवि शिरोमणि पंडित राजेराम भारद्वाज संगीताचार्य जो सूर्यकवि श्री पंडित लख्मीचंद जी प्रणाली के प्रसिद्ध सांगी कवि शिरोमणि [...]

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सरहद पार वालों के ख़त का उत्तर

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
रेडियो मिर्ची की आर जे सायेमा ने अपने पेज पर एक विडियो पोस्ट किया [...]

मिल रहे हैं सभी बेरुखी से…

सोमनाथ शुक्ल
मिल रहे हैं सभी बेरुखी से पूछिये मत किसी को किसी से ये खुशी भी बड़ी [...]

एक शांत मौन…..

Dinesh Sharma
आओ इस कोरे कागज पर कुछ लिख देते है ना मिटने वाला शब्द जो दिल की [...]

मन

Neeraj Purohit
सादर नमन आज के प्रयास से बने छंद। छन्द---- विमोहा (मपनीयुक्त [...]

भूख चली पीहर

अवनीश त्रिपाठी
सूनी आँखों में सपनों की अब सौगात नहीं चीख, तल्खियों वाले [...]

महमहाई रातभर

अवनीश त्रिपाठी
झूमती डाली लता की महमहाई रात भर । शाम ढलते ही मदिर सी गन्ध कोई छू [...]

आजादी

VEENA MEHTA
एक हकीकत है, कोई कहानी नहीं। आजादी के लिए, बहा था लहू, की नादानी [...]

“हूँ एक कहानी”

Dr.Nidhi Srivastava
हूँ एक कहानी, थोडी जानी, थोडी पहचानी , पढ सको तो पढ लो , नहीं कोइ [...]

पिय नहि समझे

dr. pratibha prakash
पीर जिया की पिय नहीं समझे जग को दिखान से का होय जाहि आँख न समझे आँख [...]

नही जल्दी कोई आहिस्ता चाहिये

Kapil Kumar
नही जल्दी कोई आहिस्ता चहिये इश्क़ ए खुदा का बस पता [...]

चलने की तैयारी रख

बसंत कुमार शर्मा
भले सभी से यारी रख थोड़ी दुनियादारी रख जो भी कह तू मुँह पर कह [...]

आरक्षण

shalni sri
आरक्षण का राज हो गया गधे के सिर पर ताज हो गया! शेर चौकीदार हो [...]

विडंबना

Deepesh Dwivedi
क्यों कविता पर पहरे लगते?क्यों गीत को कारावास मिले? क्यों सियाराम [...]

माँ से ये कहकर निकले है

दुष्यंत कुमार पटेल
हम कफन ओढ घर से निकले हैं जान हथेली में रखकर निकले है दुश्मनों के [...]

साहिलों ने हमें सूखी हुई………

Ramesh chandra Sharma
साहिलों ने हमें सूखी हुई नदी समझा; हमको हर दौर ने गुजरी हुई सदी [...]

*शिक्षा*

Dharmender Arora Musafir
शिक्षा से फैले उजियारा मिट जाता सारा अँधियारा तिजारत ये पर आज [...]

बलात्कार पीड़िता का दर्द

डॉ सुलक्षणा अहलावत
उन दरिंदों ने तो सिर्फ एक बार मेरा बलात्कार किया था, पर समाज ने, [...]

किसी से कम नही नारी जमाने को बताना है

Dr Archana Gupta
लगाकर हौसलों के पर गगन छूकर दिखाना है किसी से कम नही नारी जमाने को [...]

जो अपने थे कभी मुझको तो सारे याद रहते हैं

चन्‍द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
भले तुझको नहीं उल्फ़त के किस्से याद रहते हैं मुझे हर बेमुरव्वत वक़्त [...]

जुबां इश्क़ की

Kapil Kumar
दास्ताँ क्या पूछते हो बेजुबां इश्क़ की होके फना ही आती है जुबां [...]

उन्हें बसाया दिल में

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
धरा अपनी कभी सोना, कभी चाँदी उगलती थी / गजनबी लंग जाफ़र के कयामत को [...]

यथार्त व्यंग—उल्लू का मन जीत लिया

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
यथार्त व्यंग ========= मात्रभार /१६-१४ देख जमाने की आदत को , राज बदलना सीख [...]

ओछी राजनीति

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
ओछी राजनीति ================= राजनीति राज्य सरकार जनता का [...]

पत्नी का पति के नाम खत— मंहगाई

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
पत्नी का पति के नाम खत--- मंहगाई ========================================= बड़ी मंहगाई बालम [...]

दिले घन श्याम लिक्खा है

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
मापनी : 1222 1222 1222 1222 काफ़िया : आम रदीफ़ : लिक्खा है =================================== कहे राधा [...]

तोहरी नगरिया

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
भोजपरी -------------- बड़ी नीक लागे बालम तोहरी नगरिया / सुबह-शाम कोयल भी [...]

बुझदिल पड़ोसी

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
बड़ा बुझदिल पड़ोसी है नहीं सम्मान जो जाने/ कायर की तरह भौके नहीं [...]

कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से

Dr Archana Gupta
कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से कैसे बचायें उपवन अपना वो आँधियों [...]

जीवन में कुछ खोया भी —– गज़ल

निर्मला कपिला
जीवन में कुछ खोया भी लेकिन ज्यादा पाया भी नफरत की चिंगारी [...]

खुशियों का भंडार अपना परिवार

डॉ सुलक्षणा अहलावत
सभी खुशियों की चाबी मनुष्य का अपना परिवार है। कोई दुःख छु भी नहीं [...]