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जो नारी का अपमान करेगा जग क्यों उसका सम्मान करेगा

Bhupendra Rawat जो नारी का अपमान करेगा जग क्यों उसका सम्मान करेगा जिस नारी ने जन्म दिया हे मूर्ख तू कैसे जन्म देने वाली माँ का अपमान करेगा नर्क होगा [...]

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तुम्हारे वास्ते …..

anand murthy
तुम्हारे वास्ते फिर से नयी इक जिन्दगी होगी तुम्हारी जिन्दगी से [...]

कविता – शिक्षक

डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज
जैसे माली पौधों को सही करता है नित काट - छाँट कर , वैसे ही शिक्षक [...]

आल्ह छंद में एक रचना

Pravin Tripathi
आल्ह छंद पर आधारित एक रचना.... (मापनी 31 तथा 16,15 पर यति, अंत में गाल) सागर [...]

अकेले बैठतें हैं अब,जब भी कभी,

kapil Jain
अकेले बैठतें हैं अब,जब भी कभी, कुछ गजलें उतार देते हैं कागजों [...]

माधव इस संसार में

Rita Singh
माधव इस संसार में तरह तरह के लोग , कुछ माया में हैं रमे कुछ का जीवन [...]

तत समय …. जरूरी है

मनहरण मनहरण
जिंदगी में कितनों तूफान हों, और झंझावत ही कितनों हो, तत समय अचल, [...]

औरत

preeti tiwari
निकलती है ज्यों ही औरत कमाने को आ जाते है सभी,हाथ आजमाने को कभी [...]

ओंकार, अघनाशक,परम आनंद हैं जो: जितेंद्र कमल आनंद ( १३१)

Jitendra Anand
ओंकार, अघनाशक ,परम आनंद हैं जो , क्यों न करें भक्त यशगान आठों याम ही [...]

ढूंढ कर लायेगा कैसे हमसा कोई तो बता

Kapil Kumar
ढूंढ कर लायेगा कैसे हमसा कोई तो बता चश्म तर करेगा कैसे हमसा कोई तो [...]

36 का आंकड़ा

Kapil Kumar
36 का आंकड़ा जो रखे उनसे है प्यार मुझे बनाते हैं वही तो अक्सर भी [...]

रोटियाँ

Kapil Kumar
इंसा को तो हर रोज नचाती हैं रोटियाँ भूखों को अपनीओर लुभाती हैं [...]

ख़िज़ां के रखवाले बाग में बहार आने नहीं देते

विनोद कुमार दवे
ख़िज़ां के रखवाले बाग में बहार आने नहीं देते, मेरे गुलशन के ख़ार ताजी [...]

कृष्ण मैं भी नहीं, राधा तुम भी नहीं..

Neeraj Chauhan
कृष्ण मैं भी नहीं, राधा तुम भी नहीं, प्रेम फिर भी इबादत से, कम भी [...]

मैं नही शब्द शिल्पी

डॉ मधु त्रिवेदी
मैं नहीं शब्द शिल्पी ✍✍✍✍✍✍✍✍ मैं नहीं कोई शब्द शिल्पी जो [...]

शरारत हो गई

डॉ मधु त्रिवेदी
मिले प्रेमी शरारत हो गयी है जमाने को शिकायत हो गयी है लड़ी जो आँख [...]

बात

डॉ मधु त्रिवेदी
बात ✍✍✍✍ बात जो कहनी है लबों तक आती है कुछ देर ठहर देख तुझे गुम [...]

बुदबुदाते हो

डॉ मधु त्रिवेदी
होठ पर आकर क्यों बुदबुदाते हो नीदों में आ क्यों रातें उजाड़ते हो [...]

चाँद

डॉ मधु त्रिवेदी
चाँद ✍✍ हर रोज आसमाँ में दिखाई देता है चाँद फिर क्यों ढूँढ़ती [...]

गरीबी

NIRA Rani
गरीबी गरीबी … गरीबी भी कितनी अजीब है शायद ये ही उनका नसीब [...]

चली पनघट

डॉ मधु त्रिवेदी
चली पनघट ✍✍✍✍✍ झनन - झनन झनन - झनन चलत बजावत है पायलियाँ के घुघरूँन [...]

कली

डॉ मधु त्रिवेदी
कली ✍✍ बगियाँ में जब एक कली खिली आ भँवरे ने एक बार घूरा कली सहम [...]

झरना

डॉ मधु त्रिवेदी
झरना ✍✍✍ झरना हँसी का जो हसीन था नजरों से तेरी महक उठा बुलबुले जो [...]

सर्द

डॉ मधु त्रिवेदी
सर्द ✍✍ मौसम ने ली फिर अँगराई धुंध की चादर पसर आई आगाज हो गया [...]

लिखूँ आज

डॉ मधु त्रिवेदी
लिखू आज एक अन्तरा नाम तुम्हारे. पहली पंक्ति का प्रथम अक्शर [...]

अच्छी बेटी

Shri Bhagwan Bawwa
सभी बेटियों को समर्पित ! मन लगाकर पढ़ती हूं , और शान से जीती हूं [...]

दीप

डॉ मधु त्रिवेदी
फूलों की चुन कलिया प्यार की गूथू मै माला. शूलों की चुन बाती प्यार [...]

उतर जाते है

डॉ मधु त्रिवेदी
उतर जाते हो जब कलम बन कागज पर उतर जाते हो प्रणय का एक पैगाम मुझे [...]

जब कभी बैठा हुआ होता हूँ मयखाने में

सर्वोत्तम दत्त पुरोहित
जब कभी बैठा' हुआ होता' हूँ' मयखाने में पी रहा होता' हूँ' बस गम को [...]

बंटते हिन्दू बंटता देश

विजय कुमार अग्रवाल
आतंकी थे वो सीम्मी के पुलिस ने जिनको मार गिराया । नींद उडी क्यों [...]

कोई लौटा दे मेरे वह हिन्‍दुस्‍तान

मनहरण मनहरण
कोई लौटा दे मेरे वह हिन्‍दुस्‍तान, जिसमें थी बांग्‍लादेश और [...]