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ख़ुदा की इबादत
shabina. Naaz

एक अर्से से पहले जैसी मुझे नींद नहीं आयीं
shabina. Naaz

हर दिन तुम्हारा है
shabina. Naaz

हर दिन तुम्हारा है
shabina. Naaz

सब्र का पैमाना जब छलक जाये
shabina. Naaz

टूटी जब मुहब्बत ........
shabina. Naaz

शीशा दिल
shabina. Naaz

शीशै का दिल
shabina. Naaz

खून पी गए खून के रिश्ते
shabina. Naaz

Log to jalte hi hai
shabina. Naaz

हमारा कोई नहीं है
shabina. Naaz

हमारा कोई नहीं है
shabina. Naaz

एक ना एक दिन ये तमाशा होना ही था
shabina. Naaz

हर शैय बदल गयी
shabina. Naaz

जिंदगी में आते ही है उतार चढाव
shabina. Naaz

जिंदगी एक ख्वाब है
shabina. Naaz

सच्चे लोग गुस्सा बहुत करते है
shabina. Naaz

बासी रोटी भी हो तो
shabina. Naaz

सच्चे लोग गुस्सा बहुत करते है
shabina. Naaz

खुदा उनको दोस्त रखता है
shabina. Naaz

रोक दो जुल्म अब मन्दिर मस्जिद के नाम पर... ..
shabina. Naaz

फर्क़ क्या पढ़ेगा अगर हम ही नहीं होगे तुमारी महफिल में
shabina. Naaz

फर्क़ क्या पढ़ेगा अगर हम ही नहीं होगे तुमारी महफिल
shabina. Naaz

...जागती आँखों से मैं एक ख्वाब देखती हूँ
shabina. Naaz

दुनिया हो गयी खफा खफा....... मुझ से
shabina. Naaz

कोई खुश हो तो मिला दो उस से......
shabina. Naaz

पूछ1 किसी ने हम से के क्या अच्छा लगता है.....आप
shabina. Naaz

जो चलाता है पूरी कायनात को
shabina. Naaz

मुकादमा चल रहा है अब मेरा
shabina. Naaz

कुदरत का कानून है ...जो करोगे
shabina. Naaz

दिल खुश हो तो सब अच्छा लगता है.......
shabina. Naaz

ए दिल्ली शहर तेरी फिजा होती है क्यूँ
shabina. Naaz

कितना अच्छा था बचपन
shabina. Naaz

Tasveerai-e muhabbat ko todh dala khud khooni ke rishto n
shabina. Naaz

सूरज की किरन चांद की चांदनी.. ...
shabina. Naaz

क्या हसीन इतफाक है
shabina. Naaz

क्या हसीन मौसम है
shabina. Naaz

चाँद तो चाँद रहेगा
shabina. Naaz

Kya ajeeb baat thi
shabina. Naaz

नवंबर का ये हंसता हुआ हसीन मौसम........
shabina. Naaz

आज भी कभी कभी अम्मी की आवाज़ सुबह सुबह कानों को सुन
shabina. Naaz

खाक में मिल जाएगा ये मिट्टी का बदन तेरा.......
shabina. Naaz

यजीद के साथ दुनिया थी
shabina. Naaz

मुहब्बत करने वालों
shabina. Naaz

चांद तो चांद ही
shabina. Naaz

पता नहीं लोग क्यूँ अपने वादे से मुकर जाते है.....
shabina. Naaz

आरजी जिंदगी है ...हिसाब किताब होगा सब आखिरत में......
shabina. Naaz

अजीब बैचैनी है मुझ में………
shabina. Naaz

कॉफ़ी हो या शाम.......
shabina. Naaz

यू तो नजरे बिछा दी है मैंने मुहब्बत की राह पर
shabina. Naaz