indu parashar 67 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid indu parashar 30 May 2024 · 1 min read हाड़ी रानी हाड़ी रानी रूप सुंदरी हाड़ी ने पति मोह पाश को मेट दिया। राष्ट्र प्रेम हित उसने अपना शीश पुष्प सा भेंट किया। रूप सुंदरी हाड़ी ने पति मोह पाश को... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 424 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read स्वयं मार्ग अपना चुनें स्वयं मार्ग अपना चुनें नदिया हो या नारि हमेशा, दोनों है गतिमान। रहें निरंतर दोनों बहती, दोनों एक समान। दोनों ही हैं जन्म दायिनी, दोनों जीवन दात्री। दोनों जीवन सिंचित... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 213 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read सब मुझे मिल गया *सब मुझे मिल गया* रूप की मोहनी,प्रीत की चाहना, मीन सी है विकल, तुम विकलता हरो। प्रेम के पाश में, बांँध लो तुम मुझे, तीर विरहा चला, अब न घायल... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 199 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read आइए मेरे हृदय में आइए मेरे हृदय में आइए मेरे हृदय में श्याम तुम आ जाइए। प्रेम का विरवा लगाकर फिर कहीं मत जाइए। मैं न, मीरा राजरानी जप सकूं दिन रात मैं, मैं... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 186 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read गीत (विदाई के समय बेटी की मन: स्थिति) गीत (विदाई के समय बेटी की मन: स्थिति) हृदय चीरती है व्यथा, बहता नयनों नीर। बाबुल तेरी लाड़ली, कैसे बाँधू धीर। पाया लाड़ दुलार है,पाई निर्मल प्रीत। बाहों का झूला... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 230 Share indu parashar 30 May 2024 · 2 min read बहुरंगी नारियाँ 🌹बहुरंगी नारियाँ 🌹 जिंदगी की जिंदगी हैं नारियांँ। जिंदगी में रंग भरतीं नारियांँ । नारियांँ ही शक्ति की प्रतिरूप है। नारियांँ हैं पुष्प सुरभित क्यारियांँ। *श्रृंगार रस* (संयोग श्रृंगार) महावर... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 166 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read बहन आती सदा रहना बहन आती सदा रहना ये साझा दुख हमारा है, हमारी मांँ का यों जाना। अकेला छोड़कर मुझको, न मन से दूर तू जाना। बहन हर तीज पर आना, बहन त्योहार... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 142 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read विवाहित बेटी की उलझन विवाहित बेटी की उलझन खुद को हारा सोचती, पाती हूँ लाचार । उठा न पाऊँ फोन मैं, हों पापा बीमार।। बहन , बहू , पत्नी बनी, माँ बन सींचा प्यार।... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 1 162 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read मैं बनती अभिमान मैं बनती अभिमान बोध हुआ मातृत्व का, फैल गया उल्लास। हर्षित थे सबके हृदय, थी बालक की आस। माँ तुम ही सहमी डरी, थी बिल्कुल चुपचाप। मन में आतंकित बहुत,... Poetry Writing Challenge-3 146 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read बिटिया (प्रेम की प्रतिमा) बिटिया (प्रेम की प्रतिमा) तुम हमारे प्रेम की, साकार प्रतिमा, कल्पनाओं की मधुर, स्मृति तुम्ही हो। तुम हमारी रुचिर प्यारी, अल्पना हो, औ विधाता की अनूठी, कृति तुम्ही हो। सृष्टि... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 206 Share indu parashar 30 May 2024 · 2 min read बेटी-नामा बेटी-नामा आई जबसे गर्भ में, करवाती अहसास। माँ मैं तेरी लाड़ली, रहूँ हृदय के पास। माँ की धड़कन से जुड़े, उस धड़कन के तार। करे मूक संवाद वह, नहीं प्यार... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 129 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read आगमन वसंत का आगमन वसंत का आया नहीं वसंत द्वार पर, कभी लगाने फेरे । बिन वसंत ही इस जीवन को, रही उदासी घेरे। मैं वसंत से किए शिकायत, नहीं जान पाई थी।... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 139 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read इक छाया सी इक छाया सी आशीषें बरसाईं मुझ पर, सदा प्यार वर्षाया । मुझ नादान, नवेली को, जिनने अनुभवी बनाया। समझ न पाई कभी प्रेम की, लहरें जो मन में थीं। दे... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 169 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read बेटियां बेटियां गोदी में छुप मुस्काती हैं, प्यारी-प्यारी बेटियां। नन्हे हाथों से दुलराती, प्रेम लुटाती बेटियां। अंधियारे में उजला दीपक, सदा जलाती बेटियां। सूने घर में खुशियां भर कर, स्वर्ग बनाती... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 140 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read आनंद बरसे सर्वदा आनंद बरसे सर्वदा बेटी चली पी की गली, सौभाग्य की बेला खिली। आओ अशीषें प्यार से, कर दें विदा सत्कार से। बेटी तुम्हीं सौभाग्य हो, दैदीप्य, तेरा भाग्य हो। यह... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 106 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read माँ नहीं है देह नश्वर मांँ नहीं है देह नश्वर शीत ऋतु की उस ठिठुरती रात में, संदेश आया। जा मिली है पंच तत्वों में , सुगढ़ वह क्षीण काया। किंतु मेरा मन ,कभी, इस... Poetry Writing Challenge-3 · नारी 241 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read निर्णय निर्णय सौ ताने सुन सहमती, माँ मेरी मजबूर । पहली भी बेटी हुई, उसका यही कसूर । माँ को लेकर चल पड़े, मन बेटे की आस। भ्रूण परीक्षण के लिए,... Poetry Writing Challenge-3 149 Share indu parashar 30 May 2024 · 1 min read अभिलाषा अभिलाषा मात-पिता की अभिलाषाओं की, सुंदर प्रतिमूर्ति बनूं। परिजन में जितने रिश्ते हैं, सब रिश्तो का सेतु बनूं। जिस घर के आंगन में सुंदर, होवे तुलसी का बिरवा। और चिड़ियों... Poetry Writing Challenge-3 138 Share indu parashar 28 May 2024 · 1 min read राष्ट्र की आधार शक्ति राष्ट्र की आधार शक्ति विश्व विजयी संस्कृति क्या, लुप्त होती जा रही है? थी प्रखर जो चेतना क्या सुप्त होती जा रही है? संस्कृति पर छा रही क्या, पश्चिमी भौतिक... Poetry Writing Challenge-3 123 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read नारी की महिमा नारी की महिमा है नारी की महिमा महान, नारी सदगुण की महा खान। नारी ने ही उत्पन्न किये, गणपति, कान्हा, मारुति महान। जीवन भी नारी से पाया, उसने ही पाला... Poetry Writing Challenge-3 129 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read वामा हूं मैं वामा हूँ हर इक रूप में, सदा सबल हूँ, नहीं, कहीं अबला में। घर बाहर सब को संभालती, आज स्वयं सबला मैं। मैं वामा, पर वाम नहीं हूँ, रहती... Poetry Writing Challenge-3 137 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read मैं स्त्री हूं हां मैं स्त्री हूं! मुझे सहर्ष स्वीकार है स्त्री होना, भिन्न होना पुरुष से, पुरुष से भिन्नता ही तो स्त्रियोचित गुण हैं मेरे। मुझे स्वयं को स्वतंत्र दिखाने के लिए,... Poetry Writing Challenge-3 1 121 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read मैं स्त्री हूं मैं स्त्री हूं! हां मैं स्त्री हूं! मुझे सहर्ष स्वीकार है स्त्री होना, भिन्न होना पुरुष से, पुरुष से भिन्नता ही तो स्त्रियोचित गुण हैं मेरे। मुझे स्वयं को स्वतंत्र... 136 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read वामा हूं वामा हूँ हर एक रूप में, सदा सबल हूँ, नहीं, कहीं अबला में। घर बाहर सब को संभालती, आज स्वयं सबला मैं। मैं वामा, पर वाम नहीं हूँ, रहती सबसे... 124 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read नारी की महिमा नारी की महिमा है नारी की महिमा महान, नारी सदगुण की महा खान। नारी ने ही उत्पन्न किये, गणपति, कान्हा, मारुति महान। जीवन भी नारी से पाया, उसने ही पाला... 165 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read हमारी संस्कृति हमारी संस्कृति यह देश यहां *पर स्त्री* को , मानें धन्या भगिनी , माता, छोटी बालाओं में सबको, दिखता है कन्या का नाता। पत्नी को सम आदर देते, नारी को... Poetry Writing Challenge-3 123 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read जय माता कल्याणी जय माता कल्याणी वंदनीय औ पूजनीय, भारत में माँ कहलाती है। इसीलिए तो जन्मभूमि, भारत- माता कहलाती है। हाथ जोड़कर करें वंदना, भारत मातु भवानी की। साथ-साथ सब मिलकर बोलें,... Poetry Writing Challenge-3 148 Share indu parashar 27 May 2024 · 1 min read भारत भूमि महान है स्वर्ग लोक से भी अति सुंदर, भारत भूमि महान है। गंगा यमुना और नर्मदा, भारत मांँ की शान है। जम्मू और कश्मीर मातु के, शीर्ष भाग में खड़ा हुआ। पहने... Poetry Writing Challenge-3 224 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read हिंदी में ही बोलिए हिंदी में ही बोलिए सिंधु के किनारे हिंद, हिंद के निवासी आप, गर्व कीजिए हुज़ूर, हिंदी में ही बोलिए। हिंद की मुखर वाणी, जैसे खुद वीणा पाणी, हिंदी ही तो... अनयूज़्ड 184 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 2 min read बारहखड़ी बारहखड़ी अच्छे बालक बनना है तो, आदत अच्छी तुम अपनाओ । इसकी उसकी बात करो मत , ईश्वर को तुम शीश नवाओ । उठकर सुबह सवेरे बच्चो, ऊल - जलूल... 200 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read नारी एक नदी है बहुत दिन से यही कहीं रखा था *नारी एक नदी है* नदियाँ, नारी एक सी, रखें तरलता पास । दोनों के मन विकलता, पिया मिलन की आस। दोनों जीवनदायिनी, दोनों पालनहार। दोनों सबको दे रहीं, जीवन का... अनयूज़्ड 191 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read राम रमापति राम रमापति राम रमापति सबहि पियारे। चरण शरण हम पड़े दुआरे।। शीघ्र करहु संकट कर नाशा। सबके हृदय यही अभिलाषा।। सारा जगत आज भय पाता। संकट दूर करो भयत्राता।। समदर्शी... अनयूज़्ड 176 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read विजय विजय एक बार यदि हार गए तो, उसे हार तुम मत मानो। उसी डगर को तुम जीतोगे, मन में यह निश्चय जानो। औरों के कुछ भी कहने से, अन्य राह... अनयूज़्ड 168 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read अनंत यात्रा अनंत यात्रा एक यात्रा अनंत की ओर, लक्ष्य की ओर या मोक्ष की ओर चल रहे हैं जीवन पथ पर पथिक सारे, हैं, सभी *संघर्षरत*, अपने पथों पर। यात्रा के... अनयूज़्ड 231 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read कर्म के बंध आधे अधूरे पड़े कर्म के बंध आधे अधूरे पड़े कर्म के बंध आधे अधूरे पड़े, भोगना शेष है सालते हैं बड़े। आप यों मुक्ति के द्वार पर मत चढ़ो, कर्म से पार पाओ... अनयूज़्ड 198 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read तुष्टि *तुष्टि* लक्ष्य यदि, जान लिया, लेकर संकल्प दृढ़, चल पड़े कर्तव्य पथ पर। देह पर हैं लोम जितने, हों, कठिन व्यवधान उतने। आंधियां आयें,प्रलय हो, विश्व सारा तिमिरमय हो, काल... अनयूज़्ड 156 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read हां तभी नववर्ष होगा हां तभी नववर्ष होगा दूसरों की हर खुशी में,खुशी होना जानते हैं । और की श्रद्धा, वहाँ भी, सर झुकाना जानते हैं । जनवरी नव वर्ष उनका,हर्ष हमको भी बहुत... अनयूज़्ड 167 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read सरस्वती वंदना सरस्वती वंदना हे विद्या की देवि, शारदे माता वाणी। शरण पड़े हम देवि,कृपा कर वीणापाणी। कर दो कृपा कटाक्ष,मातु तुम हमें उठाओ, बरसाओ तुम नेह, गले से हमें लगाओ। तुम... अनयूज़्ड 208 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read आनंद बरसे सर्वदा आनंद बरसे सर्वदा (मधुमालती छंद) बेटी चली पी की गली, सौभाग्य की बेला खिली। आओ अशीषें प्यार से, कर दें विदा सत्कार से। बेटी तुम्हीं सौभाग्य हो, दैदीप्य, तेरा भाग्य... 102 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read श्री गणेश प्रार्थना श्री गणेश प्रार्थना बुद्धिप्रिय बुद्धिनाथ, धूम्रवर्ण, एकदंत। आपकी शरण पड़े, बुद्धिदान दीजिए। गणपति, गणाध्यक्ष, प्रथमेश, देवदेव, यशस्विन, योगाधिप, यश वृद्धि कीजिए। वीर गणपति साथ, विद्या वारिधि नाथ, शरण गहूं तुम्हारी,... अनयूज़्ड 167 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 2 min read पांचवी बेटी पाँचवीं बेटी प्यार याकि सम्मान मिला हो , मुझको याद नहीं है । हुई पाँचवीं बेटी मैं , यह मेरा दोष नहीं है । ध्वस्त हुआ मेरा जीवन जब ,... अनयूज़्ड 168 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read प्रेम और बुद्धि प्रेम और बुद्धि प्रेम तो ईश है, बुद्धि अवतार है, बुद्धि के फेर में, सारा संसार है। मन वो संदूक है, प्रेम जिसमें धरा, मन भरा है तो सारा,जगत ही... अनयूज़्ड 153 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read हे राम हे राम राम हे! राम राम, हे! राम राम। हे! राम राम, हे! राम राम। इस दुनिया के छल छंदों से, छलनी मन रोता ज़ार ज़ार । मधु पीने की... अनयूज़्ड 111 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read मन मन बात हो संग्राम की तब, मन हमेशा जीत जाता । मन हमेशा था सिकंदर, कौन उससे पार पाता। वह सिकंदर भी सुनो , आराम करना चाहता है। अब हमारा... अनयूज़्ड 119 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read गणपति वंदना गणपति वंदना सूर्य सा प्रचंड तेज, वक्रतुंड बुद्धि देव। महाकाय गणदेव, आज चले आइए। आपकी कृपा महान, सभी करें गुणगान, विघ्नहारी, शुभकारी, मुश्किलें हटाइए। रिद्धि बढ़े, सिद्धि बढ़े, भावना की... 156 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read सा सरिता सा सरिता या देवी सर्वभूतेषु जीवन प्राण प्रदायिनी, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः। या देवी सर्वलोकेषु,लोकसंस्कृति धारिणी, नमस्तस्यै , नमस्तस्यै , नमस्तस्यै नमो नमः। या देवी सर्वभूतेषु, आनंद ,सुःख प्रदायिनी,... अनयूज़्ड 139 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read मन भ्रमर मन भ्रमर (आनंद वर्धक छंद ) डालियों पर, गा रहीं चिड़ियाँ चहक। क्यारियों में, मोगरे की है महक। गीत होठों, पर रहे पल-पल मचल। आज मन हर्षित,नहीं होता विकल। मीत... अनयूज़्ड 164 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read शिवरात्रि शिवरात्रि बहे गंगा जटाओं से , सजे चंदा जटाओं पे। रखें त्रयशूल पाणी में, बसें श्री राम वाणी में विराजे तुंग पर्वत पर, बनाया है वहीं पर घर। शिवा सेवा... अनयूज़्ड 126 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read शरदपूर्णिमा (महारास) शरदपूर्णिमा (महारास) शरद की जुन्हाई ,मनमोहिनी , कन्हाई, सारी गोपियां हैं आई ,आज रास तो रचायलो। राधा अलबेली , घनश्याम की सहेली, करे श्याम से ठिठोली ,आज रास तो रचायलो।... अनयूज़्ड 177 Share indu parashar 26 Jun 2023 · 1 min read मातृ देवो भव मातृ देवो भव शैलपुत्री ,शैलतनया ,शैलजा महिमामयि। दे हमें संकल्प दृढ़ता, आत्मबल साधनमयि। ब्रह्मचारिणी ,तपश्चारिणी, अपर्णा वैराग्यमयि। दे हमें संयम, नियम, तप ,साधना हे त्यागमयि। चंद्रघंटा ,भालचंद्रा, मन हमारे शांति... अनयूज़्ड 179 Share Page 1 Next