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7 Jun 2017 · 1 min read

?किसानो की लाश देख व्यथित मन से निकले सब्द,,,,?

??किसानो की लाश देख व्यथित मनु के मन से निकले सब्द,,,,??

ये भारत मप्र के इतिहास का काला दिन हो जायेगा,,,,
किसान की मौत और किसान सदा याद आयेगा,,,,

वीर किसान ने गोली पीठ पर नही सीने पर खाई है,,,
जय किसान जय जवान की बात आज निभाई है,,,,
जुल्म सितम का वक़्त पर करारा जबाब दिया जायेगा,,,,

कर्मठता की पहचान किसान है,,,,
देश की आनबान किसान है,,,,
चंद नोटो की गड्डियों से दर्द वो न भुलाया जायेगा,,,,

मरते कृषक मिटते खेत,,,,
फसलों के नित घटते रेट,,,,
कैसे अन्नदाता मुसुकुरायेगा,,,,,

बड़ा व्यथित और उद्देलित है मन मेरा,,,,
कैसे आज पड़ा है पालनकर्ता मेरा,,,,
मनु ये बलिदान व्यर्थ नही जायेगा,,,,,
मानक लाल मनु,,,,

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