रास्तों को देखकर रास्ता बदलने वाले

रास्तों को देखकर रास्ता बदलने वाले
रास्ते में रह गए है रास्ते पर चलने वाले
कहीं सूरज थम गए आंधियों के डर से
मंजिलों पर खडे है घर से निकलने वाले
✍️कवि दीपक सरल
रास्तों को देखकर रास्ता बदलने वाले
रास्ते में रह गए है रास्ते पर चलने वाले
कहीं सूरज थम गए आंधियों के डर से
मंजिलों पर खडे है घर से निकलने वाले
✍️कवि दीपक सरल