बुन्देली दोहा प्रतियोगिता -199 कुरा

बुंदेली दोहा प्रतियोगिता -199
दिनांक 18.1.2025
प्रदत्त विषय -#कुरा (अंकुरित)
संयोजक राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
आयोजक-जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़
प्राप्त प्रविष्ठियां :-
1
लुड़िया से ओरे परे,बालें बिछीं तमाम।
कुरा कनूकन फूट रय,कहा करइयां राम। ।
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-आशा रिछारिया, निवाड़ी
2
बीज डरे चौमास मै,माटी भीतर रात।
पानी पा होबैं कुरा,बेइ पेड़ बन जात।।
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-तरुणा खरे,जबलपुर
3
मीठों फल है मैंन्त को,रिश्वत समझो काँश।
जो धन खात गरीब को,होत कुरा की नाँश।।
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– प्रमोद मिश्रा बल्देवगढ़
4
धरत गैल अन्याय की,और करत अभिमान।
मिटत कुरा परिवार कौ,नीचट लैयौ जान।।
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-भगवान सिंह लोधी ‘अनुरागी’,हटा
5
धन दुकाय जो काउ कौ,पाय नरक वौ खास।
पर तिरिया खों जो तकै,होत कुरा सें नाश।।
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-अंजनी कुमार चतुर्वेदी ‘श्रीकांत’ निवाड़ी
6
हल बाखर से जौत कैं,खेत हौत तैयार।
बीज कुरा कै बाँयरैं,देतइ खुशी अपार।।
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-सुभाष सिंघई, जतारा
7
दया धरम नइॅं छोड़ियौ ,संगत करियौ नीक।
कुरा पाप कौ कूचियौ ,कभउॅं न पाबै पीक।।
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-आशाराम वर्मा ‘नादान’ पृथ्वीपुर
8
अहंकार में बड़ बड़े, हो गय हैं खल्लास।
रावन की लंका जली,भई कुरा की नास।।
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-एस आर ‘सरल’, टीकमगढ़
9
राम बिस्नु औतार हैं, करौ पिया बिस्वास।
काय करा रय ठै पठै, बंस कुरा की नास।।
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– रामानंद पाठक,नैगुवां
10-
कुरा गये सब बीज हैं,पानी अब दो डाल।
ननतर बीजा सूख क़े,निश्चित मरजें काल।।
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– वीरेन्द्र चंसौरिया,टीकमगढ़
11
जब वे आईं सामने, हती जुंदइया रात।
मस्कइं-मस्कइं प्रेम के,कुरा गए जज्बात।।
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-डॉ.राजेश श्रीवास्तव ‘प्रखर’, कटनी
12
कुरा प्रेम के ऊँग रय, उपजै भकति प्रयाग।
बारा सालन मे मिलो, बडो हमाओ भाग।।
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– श्यामराव धर्मपुरीकर,(गंजबासौदा)
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संयोजक राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
आयोजक-जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़
मोबाइल – 9893520965
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