हर परिवार में एक शकुनी जैसा इंसान होता है जो परिवार में हर र

हर परिवार में एक शकुनी जैसा इंसान होता है जो परिवार में हर रिश्ते में दरार डालकर, महाभारत करवाकर आखरी में ये कहते है की हम तो बस यही चाहते है कि सब मिलजुलकर रहें लेकिन पता नहीं हमारे परिवार को किसकी नजर लग गई, अरे घर का भेदी इसी को कहते है जो रहता सबके सामने है, पर कोई भी उसका विरोध नहीं करता और आखिर में जब बात समझ में आती है तब तक पूरा परिवार बिखर जाता है।