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15 Jan 2025 · 1 min read

भोजपुरी ग़ज़ल

भोजपुरी ग़ज़ल
जवानी चार दिन के हS चढ़े तब आगि बरि जाला
मगर चारे दिनन के बाद सब गरमी उतरि जाला

चढ़े बइसाख तब सूरज महोदय खूब अँइठेलें
मगर अँइठल उहो अगहन चढ़त दुकहाँ घुसरि जाला

बहुत बा तेल तहरा में दिया से सीख लS कुछऊ
दिया के तेल जरि जाला मगर उजीयार करि जाला

जवानी फूल जस चाहीं फुलाते जग लगे महके
झरे से पूर्व सबका साँस में जाके उतरि जाला

खपल जेकर जवानी जगत के कल्याण में अवधू
सहज ओकर मुअलको सात पीढ़ी साफ तरि जाला

अवध किशोर ‘अवधू’
मोबाइल नंबर 9918854285
दिनांक 13_01_2025

Language: Bhojpuri
44 Views
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