खिला रोटियाँ तीन जो,कहती एक रमेश
माँ की ममता को भला, करूँ न कैसे पेश l
खिला रोटियाँ तीन जो,कहती एक रमेश।।
माँ की ममता को भला, करूं न कैसे पेश ।
भरे पेट पर भी कहे, खाले और रमेश ।।
रमेश शर्मा
माँ की ममता को भला, करूँ न कैसे पेश l
खिला रोटियाँ तीन जो,कहती एक रमेश।।
माँ की ममता को भला, करूं न कैसे पेश ।
भरे पेट पर भी कहे, खाले और रमेश ।।
रमेश शर्मा