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13 Jul 2024 · 1 min read

“कोई क्या समझाएगा उसे”

“कोई क्या समझाएगा उसे”
कोई क्या समझाएगा उसे…
शौक़ लेखन का हो गया है जिसे,
वो तो बस लिखता चला जाएगा…
बिना कुछ कहे, सोचे-समझे…!!

…. अजित कर्ण ✍️

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