Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Jul 2024 · 1 min read

इसलिए कहता हूं तुम किताब पढ़ो ताकि

इसलिए कहता हूं तुम किताब पढ़ो ताकि
तुम बहस नहीं तर्क पर बात कर सको ll

263 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

कुंडलिया
कुंडलिया
अवध किशोर 'अवधू'
राम
राम
Suraj Mehra
धर्म पर हंसते ही हो या फिर धर्म का सार भी जानते हो,
धर्म पर हंसते ही हो या फिर धर्म का सार भी जानते हो,
Anamika Tiwari 'annpurna '
Boundaries Are Not a Problem.
Boundaries Are Not a Problem.
पूर्वार्थ
(कविता शीर्षक) *जागृति की मशाल*
(कविता शीर्षक) *जागृति की मशाल*
Ritu Asooja
दिल  से  टटोलिये , ज़रा अंदर भी झांकिए
दिल से टटोलिये , ज़रा अंदर भी झांकिए
Dr fauzia Naseem shad
3906.💐 *पूर्णिका* 💐
3906.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
बहे पुरवइया
बहे पुरवइया
Shailendra Aseem
*Live Stillness*
*Live Stillness*
Veneeta Narula
आँखों में अब बस तस्वीरें मुस्कुराये।
आँखों में अब बस तस्वीरें मुस्कुराये।
Manisha Manjari
किताब में किसी खुशबू सा मुझे रख लेना
किताब में किसी खुशबू सा मुझे रख लेना
Shweta Soni
रोला छंद
रोला छंद
Sudhir srivastava
धन, दौलत, यशगान में, समझा जिसे अमीर।
धन, दौलत, यशगान में, समझा जिसे अमीर।
Suryakant Dwivedi
राम से बड़ा राम का नाम
राम से बड़ा राम का नाम
Anil chobisa
সেয়াহৈছে সফলতা
সেয়াহৈছে সফলতা
Otteri Selvakumar
हमने एक बात सीखी है...... कि साहित्य को समान्य लोगों के बीच
हमने एक बात सीखी है...... कि साहित्य को समान्य लोगों के बीच
DrLakshman Jha Parimal
काह कहों वृषभानु कुंवरि की
काह कहों वृषभानु कुंवरि की
Mahesh Tiwari 'Ayan'
बाल कविता
बाल कविता
Raj kumar
मनहरण घनाक्षरी
मनहरण घनाक्षरी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
हम तो हैं इंसान के साथ
हम तो हैं इंसान के साथ
Shekhar Chandra Mitra
अपनों से अपने जहां,करें द्वेष छल घात
अपनों से अपने जहां,करें द्वेष छल घात
RAMESH SHARMA
"दया, करुणा व संवेदना" देवगुण होने के बाद भी मानव-मात्र के ल
*प्रणय प्रभात*
कुछ सवालात
कुछ सवालात
Shyam Sundar Subramanian
रामलला ! अभिनंदन है
रामलला ! अभिनंदन है
Ghanshyam Poddar
तुम कहते हो राम काल्पनिक है
तुम कहते हो राम काल्पनिक है
Harinarayan Tanha
गीत- सरल फ़ितरत न नाजुकता इसे संस्कार कहते हैं...
गीत- सरल फ़ितरत न नाजुकता इसे संस्कार कहते हैं...
आर.एस. 'प्रीतम'
शहर की गहमा गहमी से दूर
शहर की गहमा गहमी से दूर
हिमांशु Kulshrestha
मम्मी ......
मम्मी ......
sushil sarna
Me Time
Me Time
MEENU SHARMA
" बेबसी "
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...