ट्रैफिक भी जाम मेरा दिल भी तेरे नाम।
जटिलता से सरलता की ओर। ~ रविकेश झा
मंत्र: वंदे वंछितालाभाय चंद्रार्धकृत शेखराम् । वृषारूढाम् शू
अपने होने का क्या पता दोगे ।
मैं मेरा घर मेरा मकान एक सोच
सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी घर छोड़ जाते है😥😥
*मरण सुनिश्चित सच है सबका, कैसा शोक मनाना (गीत)*
प्लास्टिक प्रदूषण घातक है
एक श्वास पर खुद की भी अपना हक नहीं
रिश्ता नहीं है तो जीने का मक़सद नहीं है।
किसी को गिराया न ख़ुद को उछाला,
अनुचित को कह कर सही,देते उसे परोस
एक न एक दिन मर जाना है यह सब को पता है