लड़की किसी को काबिल बना गई तो किसी को कालिख लगा गई।
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
एक generation अपने वक्त और हालात के अनुभव
अगर आप वास्तविक और आंतरिक ज्ञान के ओर बढ़ रहे हैं तो आपको जा
मन हमेशा एक यात्रा में रहा
खुद को भुलाकर, हर दर्द छुपाता मे रहा
कुछ मन की कोई बात लिख दूँ...!
बसंत
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
आसमां पर घर बनाया है किसी ने।
*मातृभूमि की सेवा से हम, पीछे नहीं हटेंगे (गीत)*
वो शब्दों को संजोते हैं , बड़े ही मीठे लहजे से
*मनः संवाद----*
रामनाथ साहू 'ननकी' (छ.ग.)
तमीज़ और तहज़ीब यूं विरासत में मिले हैं मुझे,
चलते हैं क्या - कुछ सोचकर...
49....Ramal musaddas mahzuuf