Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Apr 2024 · 1 min read

3335.⚘ *पूर्णिका* ⚘

3335.⚘ पूर्णिका
🌹 रणभूमि हम तो जाएंगे🌹
2212 22 22
रणभूमि हम तो जाएंगे।
अपना परचम लहराएंगे ।।
बस देश के खातिर जीवन।
जलवा नया दिखलाएंगे ।।
यूं देख शत्रु कांपे थरथर।
नाकों चने चबवाएंगे।।
ना खून की होली खेले ।
परलोक हम पहुँचाएंगे।।
जीना यहाँ मरना खेदू ।
करतब दिखा मिट जाएंगे।।
………..✍ डॉ .खेदू भारती “सत्येश “
27-04-2024शनिवार

134 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

बुजुर्ग बाबूजी
बुजुर्ग बाबूजी
प्रकाश जुयाल 'मुकेश'
"आजकल के युवाओं के हाथों में इतनी ताकत नहीं है, उन्हें उंगली
Mr. Bindesh Jha
दिल के एहसास
दिल के एहसास
Dr fauzia Naseem shad
बगुला चला हँस की चाल☺️
बगुला चला हँस की चाल☺️
gurudeenverma198
- जिंदगी हर बार मौका नही देती -
- जिंदगी हर बार मौका नही देती -
bharat gehlot
बुढापे की लाठी
बुढापे की लाठी
Suryakant Dwivedi
बाल कविता: नानी की बिल्ली
बाल कविता: नानी की बिल्ली
Rajesh Kumar Arjun
क्या सुधरें...
क्या सुधरें...
Vivek Pandey
"एक नाविक सा"
Dr. Kishan tandon kranti
There can be many ways to look at it, but here's my understa
There can be many ways to look at it, but here's my understa
पूर्वार्थ देव
दोहे बिषय-सनातन/सनातनी
दोहे बिषय-सनातन/सनातनी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
बेरंग हकीकत और ख्वाब
बेरंग हकीकत और ख्वाब
Dhananjay Kumar
जिन्दगी में फैंसले और फ़ासले सोच समझ कर कीजिएगा !!
जिन्दगी में फैंसले और फ़ासले सोच समझ कर कीजिएगा !!
Lokesh Sharma
पिटूनिया
पिटूनिया
अनिल मिश्र
एक  दोस्त  ही  होते हैं
एक दोस्त ही होते हैं
सोनम पुनीत दुबे "सौम्या"
" मुरादें पूरी "
DrLakshman Jha Parimal
चिंतन तो बहुत किया किसी खास वज़ह को सोच कर
चिंतन तो बहुत किया किसी खास वज़ह को सोच कर
ruchi sharma
टूटा दर्पण नित दिवस अब देखती हूँ मैं।
टूटा दर्पण नित दिवस अब देखती हूँ मैं।
लक्ष्मी सिंह
■आज की ज़रूरत■
■आज की ज़रूरत■
*प्रणय प्रभात*
सोशल मीडिया में आधी खबरें झूठी है और अखबार में पूरी !!
सोशल मीडिया में आधी खबरें झूठी है और अखबार में पूरी !!
P S Dhami
नया मुकाम, अनजानी राहें।
नया मुकाम, अनजानी राहें।
Acharya Shilak Ram
मंज़र
मंज़र
अखिलेश 'अखिल'
उसे जाने दो
उसे जाने दो
Shekhar Chandra Mitra
3831.💐 *पूर्णिका* 💐
3831.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
आत्मविश्वास
आत्मविश्वास
नूरफातिमा खातून नूरी
दीप की बाती ...
दीप की बाती ...
sushil sarna
तुझे नेकियों के मुँह से
तुझे नेकियों के मुँह से
Shweta Soni
रिश्तों की बंदिशों में।
रिश्तों की बंदिशों में।
Taj Mohammad
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
डुबो दे अपनी कश्ती को किनारा ढूंढने वाले
डुबो दे अपनी कश्ती को किनारा ढूंढने वाले
Sahil Ahmad
Loading...