प्रकृति - विकास (कविता) 11.06 .19 kaweeshwar
One thing is very important to do anything.. i.e. your healt
अमर काव्य
Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक
मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,
अरसे के बाद, तस्लीम किया उसने मुझे,
यदि हमें शांति के पथ पर चलना है फिर हमें अस्तित्व से जुड़ना
विधाता है हमारे ये हमें जीना सिखाते हैं
"शांत चित्त हाँ भारतम्" ️
जिस पर हँसी के फूल,कभी बिछ जाते थे
मृदु वाटिका
Dr. Ravindra Kumar Sonwane "Rajkan"
|नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी
न ही मगरूर हूं, न ही मजबूर हूं।
तुम भी तो आजकल हमको चाहते हो
अगर आप आदमी हैं तो / (नईकविता)
ग़ज़ल __तेरी य़ादें , तेरी बातें , मुझे अच्छी नहीं लगतीं ,
घबराहट हृदय को प्रभावित करता है जबकि मुस्कुराहट सारे शोको को