Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Oct 2023 · 1 min read

2569.पूर्णिका

2569.पूर्णिका
⚘⚘खूबसूरत दुनिया ढ़ालकर चलिए ⚘⚘
2122 22 212 22
खूबसूरत दुनिया ढ़ाल कर चलिए ।
भाग्य अपना है संभाल कर चलिए ।।
खोज में यूं हरदम भटकते रहते।
मेहनत से अरमाँ पाल कर चलिए ।।दोस्त मिलते है तो दुश्मन भी देखो।
हाशिए पर सबको डाल कर चलिए ।।
ये जमाना क्या है बदल जाएगा ।
जिंदगी अपनी खुशहाल कर चलिए ।।
प्यार की बगियां भी महकती खेदू ।सोच एक यहाँ सुर ताल कर चलिए ।।

……….✍डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
6-10-2123शुक्रवार

71 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
यूंही नहीं बनता जीवन में कोई
यूंही नहीं बनता जीवन में कोई
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
चारू कात देख दुनियां कें,सोचि रहल छी ठाड़ भेल !
चारू कात देख दुनियां कें,सोचि रहल छी ठाड़ भेल !
DrLakshman Jha Parimal
ख़ामोशी है चेहरे पर लेकिन
ख़ामोशी है चेहरे पर लेकिन
पूर्वार्थ
प्रभु -कृपा
प्रभु -कृपा
Dr. Upasana Pandey
हे राम ।
हे राम ।
Anil Mishra Prahari
शब्द
शब्द
Madhavi Srivastava
ये आंखों से बहती अश्रुधरा ,
ये आंखों से बहती अश्रुधरा ,
ज्योति
1) आखिर क्यों ?
1) आखिर क्यों ?
पूनम झा 'प्रथमा'
"कुण्डलिया"
surenderpal vaidya
आर्या कंपटीशन कोचिंग क्लासेज केदलीपुर ईरनी रोड ठेकमा आजमगढ़
आर्या कंपटीशन कोचिंग क्लासेज केदलीपुर ईरनी रोड ठेकमा आजमगढ़
Rj Anand Prajapati
🚩वैराग्य
🚩वैराग्य
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Yesterday ? Night
Yesterday ? Night
Otteri Selvakumar
आंदोलन की जरूरत क्यों है
आंदोलन की जरूरत क्यों है
नेताम आर सी
दोस्त.............एक विश्वास
दोस्त.............एक विश्वास
Neeraj Agarwal
सजी कैसी अवध नगरी, सुसंगत दीप पाँतें हैं।
सजी कैसी अवध नगरी, सुसंगत दीप पाँतें हैं।
डॉ.सीमा अग्रवाल
जो धधक रहे हैं ,दिन - रात मेहनत की आग में
जो धधक रहे हैं ,दिन - रात मेहनत की आग में
Keshav kishor Kumar
मत बनो उल्लू
मत बनो उल्लू
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मंजिल की अब दूरी नही
मंजिल की अब दूरी नही
देवराज यादव
प्रकृति सुर और संगीत
प्रकृति सुर और संगीत
Ritu Asooja
समय का खेल
समय का खेल
Adha Deshwal
मैं स्वयं को भूल गया हूं
मैं स्वयं को भूल गया हूं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
"स्वजन संस्कृति"
*Author प्रणय प्रभात*
कविता के प्रेरणादायक शब्द ही सन्देश हैं।
कविता के प्रेरणादायक शब्द ही सन्देश हैं।
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
क़दर करके क़दर हासिल हुआ करती ज़माने में
क़दर करके क़दर हासिल हुआ करती ज़माने में
आर.एस. 'प्रीतम'
*नारी*
*नारी*
Dr. Priya Gupta
में स्वयं
में स्वयं
PRATIK JANGID
आईने से बस ये ही बात करता हूँ,
आईने से बस ये ही बात करता हूँ,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
चंद्रयान विश्व कीर्तिमान
चंद्रयान विश्व कीर्तिमान
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
दिल रंज का शिकार है और किस क़दर है आज
दिल रंज का शिकार है और किस क़दर है आज
Sarfaraz Ahmed Aasee
"मकर संक्रान्ति"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...