Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Apr 2024 · 1 min read

“रंग अनोखा पानी का”

“रंग अनोखा पानी का”
कौन कहता बेरंग है कोई
प्रकृति में बिखरा रंग तमाम,
बस ढूँढ़ नहीं पाए कोई
पानी के रंग का मुनासिब नाम।

3 Likes · 3 Comments · 116 Views
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all

You may also like these posts

गुरु गोविंद सिंह जी की बात बताऊँ
गुरु गोविंद सिंह जी की बात बताऊँ
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
"तिलस्मी सफर"
Dr. Kishan tandon kranti
अब सौंप दिया इस जीवन का
अब सौंप दिया इस जीवन का
Dhirendra Singh
मुझे लगा अब दिन लदने लगे है जब दिवाली की सफाई में मां बैट और
मुझे लगा अब दिन लदने लगे है जब दिवाली की सफाई में मां बैट और
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
- हर कोई अजनबी हो रहा है -
- हर कोई अजनबी हो रहा है -
bharat gehlot
अग्रसेन जी की आरती।
अग्रसेन जी की आरती।
Dr Archana Gupta
हिंदी पर कुण्डलिया छंद
हिंदी पर कुण्डलिया छंद
sushil sharma
मधुमास
मधुमास
Kanchan verma
// तुम सदा खुश रहो //
// तुम सदा खुश रहो //
Shivkumar barman
*कौन है ये अबोध बालक*
*कौन है ये अबोध बालक*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
इच्छाओं  की  दामिनी,
इच्छाओं की दामिनी,
sushil sarna
लोककवि रामचरन गुप्त एक देशभक्त कवि - डॉ. रवीन्द्र भ्रमर
लोककवि रामचरन गुप्त एक देशभक्त कवि - डॉ. रवीन्द्र भ्रमर
कवि रमेशराज
हसलों कि उड़ान
हसलों कि उड़ान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
ऐ जिन्दगी
ऐ जिन्दगी
Ragini Kumari
क्या वायदे क्या इरादे ,
क्या वायदे क्या इरादे ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
क्या ऐसी स्त्री से…
क्या ऐसी स्त्री से…
Rekha Drolia
आसा.....नहीं जीना गमों के साथ अकेले में
आसा.....नहीं जीना गमों के साथ अकेले में
डॉ. दीपक बवेजा
ऐसा लगता है कि शोक सभा में, नकली आँसू बहा रहे हैं
ऐसा लगता है कि शोक सभा में, नकली आँसू बहा रहे हैं
Shweta Soni
विश्वास🙏
विश्वास🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
पैसे के बिना आज खुश कोई कहाॅं रहता है,
पैसे के बिना आज खुश कोई कहाॅं रहता है,
Ajit Kumar "Karn"
शराबियो और जुआरीओ को हर समय रुपए की तलब लगी रहती है उनके अंद
शराबियो और जुआरीओ को हर समय रुपए की तलब लगी रहती है उनके अंद
Rj Anand Prajapati
कर्म योग: मार्ग और महत्व। ~ रविकेश झा।
कर्म योग: मार्ग और महत्व। ~ रविकेश झा।
Ravikesh Jha
Forever
Forever
Vedha Singh
ग़ज़ल
ग़ज़ल
आर.एस. 'प्रीतम'
ख्याल........
ख्याल........
Naushaba Suriya
तिरछी गर्दन - व्यंग्य
तिरछी गर्दन - व्यंग्य
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
🙅वक़्त का तक़ाज़ा🙅
🙅वक़्त का तक़ाज़ा🙅
*प्रणय*
4479.*पूर्णिका*
4479.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
उजाले अपनी आंखों में इस क़दर महफूज़ रखना,
उजाले अपनी आंखों में इस क़दर महफूज़ रखना,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
सभी भगवान को प्यारे हो जाते हैं,
सभी भगवान को प्यारे हो जाते हैं,
Manoj Mahato
Loading...