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10 Nov 2023 · 1 min read

🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀

🥀 अज्ञानी की कलम🥀
चतुष्पदी*आधार-विधाता।**(४ × लगागागा)*
समांत-मह*पदांत- दीपक*

गुरु चरणों रज माथे पे,जलाएँ मन
में दीपक।
अगड़ बम बोल भोले का,मिलें वर
नेम दीपक।
सुचारू कर्म ये जीवन में,भक्ति के भाव
भर मन में,
सकल सृष्टि का संचालक,बनो कुल के
तुम दीपक।

जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
झाँसी उ•प्र•

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