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18 Nov 2022 · 1 min read

💐दुधई💐

डॉ अरुण कुमार शास्त्री -एक अबोध बालक 💐अरुण अतृप्त

👌👌दुधई👌👌

इश्क ने बिन बताये चिकोटी काट ली
सारे बदन में मिलन की अग्नि सालती ।।
बैचेनी का मचा है तांडव रह रह कर उकसाये
गली मोहल्ला शहर खेत में उसकी खुशबू आये
इश्क ने बिन बताये चिकोटी काट ली ।।
कौन सी अदालत में चलाऊँ तहरीर मैं
इस जलते जिया की जुल्मी सिपईया की
मांगता है अब रिश्वत रोज मुलाकात की
कौन से थाने में दू दुहाई मैं ओ राम जी 🙆‍♂
इश्क ने बिन बताये चिकोटी काट ली
सारे बदन में मिलन की अग्नि सालती ।।

Language: Hindi
Tag: कविता, गीत
103 Views
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