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15 Oct 2022 · 1 min read

हर जगह तुझको मैंने पाया है

इश्क़ मुझको कहां पर लाया है ।
हर जगह तुझको मैंने पाया है ।।

जानते हैं, यह हो नहीं सकता ।
भूल जाने की ज़िद तो ज़ाया है ।।

खुद पर करके गुरूर क्या करते ।
खत्म हो जानी यह तो काया है ।।

बात दुनिया की कर नहीं सकते ।
धोखा खुद से भी हमने खाया है ।।

इश्क़ मुझको कहां पर लाया है ।
हर जगह तुझको मैंने पाया है ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
16 Likes · 557 Views
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