Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Feb 2024 · 1 min read

हरित – वसुंधरा।

हरित – वसुंधरा।

देख अम्बर मेघ फूलों के अधर लाली
प्रेमरत मधुकर मगन, मकरंद, तरु- डाली,
वल्लरी झूमे, पवन मुकुलित कली चूमे
कर रही अरुणिम प्रभा रुत मत्त, मतवाली ।

जी उठी सरिता, सरोवर नीर छलकाये
पीत-पट नित डाल दादुर गीत नव गाये,
किंकिणी कटि बाँध सजनी झूलती झूले
गंध अनुपम अंग-सुरभित की बिखर जाये ।

है निखर आयी छटा, धरणी बनी रानी
शोभता परिधान मंजुल देह पल धानी,
षोडशों सिंगार, वसुधा-अंग रस संचार
मेघ पुलकित ले खड़ा नत् स्वर्ग का पानी।

अनिल मिश्र प्रहरी।

Language: Hindi
55 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Anil Mishra Prahari
View all
You may also like:
श्री राम भजन
श्री राम भजन
Khaimsingh Saini
मुक्तक
मुक्तक
गुमनाम 'बाबा'
जीवन में ठहरे हर पतझड़ का बस अंत हो
जीवन में ठहरे हर पतझड़ का बस अंत हो
Dr Tabassum Jahan
19)”माघी त्योहार”
19)”माघी त्योहार”
Sapna Arora
ग़ज़ल
ग़ज़ल
विमला महरिया मौज
अछूत....
अछूत....
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
#शुभ_दिवस
#शुभ_दिवस
*Author प्रणय प्रभात*
*तू ही  पूजा  तू ही खुदा*
*तू ही पूजा तू ही खुदा*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
मुफलिसों को जो भी हॅंसा पाया।
मुफलिसों को जो भी हॅंसा पाया।
सत्य कुमार प्रेमी
मुक्तक
मुक्तक
जगदीश शर्मा सहज
नीला ग्रह है बहुत ही खास
नीला ग्रह है बहुत ही खास
Buddha Prakash
कोई...💔
कोई...💔
Srishty Bansal
2664.*पूर्णिका*
2664.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
इंसान को,
इंसान को,
नेताम आर सी
“ ......... क्यूँ सताते हो ?”
“ ......... क्यूँ सताते हो ?”
DrLakshman Jha Parimal
अंधेरे में भी ढूंढ लेंगे तुम्हे।
अंधेरे में भी ढूंढ लेंगे तुम्हे।
Rj Anand Prajapati
मर्यादाएँ टूटतीं, भाषा भी अश्लील।
मर्यादाएँ टूटतीं, भाषा भी अश्लील।
Arvind trivedi
मंजिल की तलाश में
मंजिल की तलाश में
Praveen Sain
हमें न बताइये,
हमें न बताइये,
शेखर सिंह
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ४)
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ४)
Kanchan Khanna
देवा श्री गणेशा
देवा श्री गणेशा
Mukesh Kumar Sonkar
गल्प इन किश एण्ड मिश
गल्प इन किश एण्ड मिश
प्रेमदास वसु सुरेखा
गाँव का दृश्य (गीत)
गाँव का दृश्य (गीत)
प्रीतम श्रावस्तवी
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
मैं तुम्हें लिखता रहूंगा
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
ఇదే నా భారత దేశం.
ఇదే నా భారత దేశం.
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
परी
परी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
प्यारा हिन्दुस्तान
प्यारा हिन्दुस्तान
Dinesh Kumar Gangwar
"जागो"
Dr. Kishan tandon kranti
अपना घर फूंकने वाला शायर
अपना घर फूंकने वाला शायर
Shekhar Chandra Mitra
बारिश
बारिश
Punam Pande
Loading...