Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Feb 2024 · 1 min read

हंसें और हंसाएँ

किस से कौन क्या लेता हैं,
किस को कौन क्या देता हैं,
इसिलिए थोडा ही सही हंसें,
इसिलिए थोडा ही सही दूसरों को हंसाएँ,
सम्बन्ध एही तो हैं,
खुद हंसें और हंसानें की प्रयास करिए ।

किस से कौन क्या लेता हैं,
किस को कौन क्या देता हैं,
इसिलिए थोडा ही सही खुशी साटफेर करिए,
इसिलिए थोडा ही सही मुस्कुराहट बांटिए,
ुसम्बन्ध एही तो हैं,
खुशी और मुस्कुराहट बांटने की प्रयास करिए ।

किस से कौन क्या लेता हैं,
किस को कौन क्या देता हैं,
इसिलिए थोडा ही सही अपनों याद करिए,
इसिलिए थोडा ही सही शुभचिन्तकों को समझिए,
सम्बन्ध एही तो हैं,
याद और समझने की प्रयास करिए ।

किस से कौन क्या लेता हैं,
किस को कौन क्या देता हैं,
इसिलिए थोडा ही सही पीडा हरणकर्ता बनिए,
इसिलिए थोडा ही सही मरहम पट्टि बनिए,
सम्बन्ध एही तो हैं,
पीडा हरणकर्ता और मरहम पट्टी बनने की प्रयास कीजिए ।

किस से कौन क्या लेता हैं,
किस को कौन क्या देता हैं,
इसिलिए थोडा ही सही सहयोग करिए,
इसिलिए थोडा ही सही साथ खंडे होइए,
सम्बन्ध एही तो है,
सहयोग और साथ खंडे होने का प्रयास करिए ।

किस से कौन क्या लेता हैं,
किस को कौन क्या देता हैं,
इसिलिए थोडा ही सही संवाद करिए,
इसिलिए थोडा ही सही मन की बात समझिए,
सम्बन्ध एही तो हैं,
संवाद और मन की भाव समझने का प्रयास करिए ।
#दिनेश_यादव
काठमाण्डू (नेपाल)

Language: Hindi
1 Like · 66 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
View all
You may also like:
हम तुम
हम तुम
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
दिल से दिल तो टकराया कर
दिल से दिल तो टकराया कर
Ram Krishan Rastogi
चलो मतदान कर आएँ, निभाएँ फर्ज हम अपना।
चलो मतदान कर आएँ, निभाएँ फर्ज हम अपना।
डॉ.सीमा अग्रवाल
उम्र पैंतालीस
उम्र पैंतालीस
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मुहब्बत में उड़ी थी जो ख़ाक की खुशबू,
मुहब्बत में उड़ी थी जो ख़ाक की खुशबू,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
#लघुकथा / #बेरहमी
#लघुकथा / #बेरहमी
*Author प्रणय प्रभात*
पर्यावरण सम्बन्धी स्लोगन
पर्यावरण सम्बन्धी स्लोगन
Kumud Srivastava
अभी नहीं पूछो मुझसे यह बात तुम
अभी नहीं पूछो मुझसे यह बात तुम
gurudeenverma198
"ढाई अक्षर प्रेम के"
Ekta chitrangini
घट भर पानी राखिये पंक्षी प्यास बुझाय |
घट भर पानी राखिये पंक्षी प्यास बुझाय |
Gaurav Pathak
"सेवा का क्षेत्र"
Dr. Kishan tandon kranti
पति-पत्नी, परिवार का शरीर होते हैं; आत्मा तो बच्चे और बुजुर्
पति-पत्नी, परिवार का शरीर होते हैं; आत्मा तो बच्चे और बुजुर्
विमला महरिया मौज
संसार में कोई किसी का नही, सब अपने ही स्वार्थ के अंधे हैं ।
संसार में कोई किसी का नही, सब अपने ही स्वार्थ के अंधे हैं ।
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
" पाती जो है प्रीत की "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
*नि:स्वार्थ विद्यालय सृजित जो कर गए उनको नमन (गीत)*
*नि:स्वार्थ विद्यालय सृजित जो कर गए उनको नमन (गीत)*
Ravi Prakash
*वो नीला सितारा* ( 14 of 25 )
*वो नीला सितारा* ( 14 of 25 )
Kshma Urmila
कम कमाना कम ही खाना, कम बचाना दोस्तो!
कम कमाना कम ही खाना, कम बचाना दोस्तो!
सत्य कुमार प्रेमी
"फासले उम्र के" ‌‌
Chunnu Lal Gupta
क्यों दोष देते हो
क्यों दोष देते हो
Suryakant Dwivedi
शिगाफ़ तो भरे नहीं, लिहाफ़ चढ़  गया मगर
शिगाफ़ तो भरे नहीं, लिहाफ़ चढ़ गया मगर
Shweta Soni
हर एक मंजिल का अपना कहर निकला
हर एक मंजिल का अपना कहर निकला
कवि दीपक बवेजा
चोट
चोट
आकांक्षा राय
दहन
दहन
Shyam Sundar Subramanian
ये कटेगा
ये कटेगा
शेखर सिंह
लर्जिश बड़ी है जुबान -ए -मोहब्बत में अब तो
लर्जिश बड़ी है जुबान -ए -मोहब्बत में अब तो
सिद्धार्थ गोरखपुरी
सीता छंद आधृत मुक्तक
सीता छंद आधृत मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जंग तो दिमाग से जीती जा सकती है......
जंग तो दिमाग से जीती जा सकती है......
shabina. Naaz
चंद अशआर -ग़ज़ल
चंद अशआर -ग़ज़ल
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
*क्या देखते हो *
*क्या देखते हो *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जिस्म से रूह को लेने,
जिस्म से रूह को लेने,
Pramila sultan
Loading...