Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Mar 2024 · 1 min read

“सच का टुकड़ा”

“सच का टुकड़ा”
लिखने वाले ने तो
लिख दिया कि
दौलत साथ नहीं जाएगी,
पर यह नहीं लिखा कि
इंसान के मरते तक
दौलत बहुत काम आएगी।

2 Likes · 2 Comments · 61 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
सत्य सनातन गीत है गीता
सत्य सनातन गीत है गीता
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पुस्तक विमर्श (समीक्षा )-
पुस्तक विमर्श (समीक्षा )- " साये में धूप "
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
2638.पूर्णिका
2638.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
चंद्रयान 3
चंद्रयान 3
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
बेटियां अमृत की बूंद..........
बेटियां अमृत की बूंद..........
SATPAL CHAUHAN
डॉ अरुण कुमार शास्त्री - एक अबोध बालक - अरुण अतृप्त
डॉ अरुण कुमार शास्त्री - एक अबोध बालक - अरुण अतृप्त
DR ARUN KUMAR SHASTRI
औरत का जीवन
औरत का जीवन
Dheerja Sharma
अभाव और कमियाँ ही हमें जिन्दा रखती हैं।
अभाव और कमियाँ ही हमें जिन्दा रखती हैं।
पूर्वार्थ
शिमले दी राहें
शिमले दी राहें
Satish Srijan
मौसम जब भी बहुत सर्द होता है
मौसम जब भी बहुत सर्द होता है
Ajay Mishra
👌👌👌
👌👌👌
*प्रणय प्रभात*
नव प्रस्तारित छंद -- हरेम्ब
नव प्रस्तारित छंद -- हरेम्ब
Sushila joshi
चाहत
चाहत
Shyam Sundar Subramanian
बहुत प्यार करती है वो सबसे
बहुत प्यार करती है वो सबसे
Surinder blackpen
बेजुबाँ सा है इश्क़ मेरा,
बेजुबाँ सा है इश्क़ मेरा,
शेखर सिंह
साहित्य का बुनियादी सरोकार +रमेशराज
साहित्य का बुनियादी सरोकार +रमेशराज
कवि रमेशराज
जिंदगी बहुत प्यार, करता हूँ मैं तुमको
जिंदगी बहुत प्यार, करता हूँ मैं तुमको
gurudeenverma198
*किसकी है यह भूमि सब ,किसकी कोठी कार (कुंडलिया)*
*किसकी है यह भूमि सब ,किसकी कोठी कार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
।। आशा और आकांक्षा ।।
।। आशा और आकांक्षा ।।
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
ईश्वर बहुत मेहरबान है, गर बच्चियां गरीब हों,
ईश्वर बहुत मेहरबान है, गर बच्चियां गरीब हों,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अगर पात्रता सिद्ध कर स्त्री पुरुष को मां बाप बनना हो तो कितन
अगर पात्रता सिद्ध कर स्त्री पुरुष को मां बाप बनना हो तो कितन
Pankaj Kushwaha
मुझ पर तुम्हारे इश्क का साया नहीं होता।
मुझ पर तुम्हारे इश्क का साया नहीं होता।
सत्य कुमार प्रेमी
हमारी काबिलियत को वो तय करते हैं,
हमारी काबिलियत को वो तय करते हैं,
Dr. Man Mohan Krishna
फूल ही फूल संग
फूल ही फूल संग
Neeraj Agarwal
बेअदब कलम
बेअदब कलम
AJAY PRASAD
भौतिकवादी
भौतिकवादी
लक्ष्मी सिंह
गुलाब
गुलाब
Prof Neelam Sangwan
अंतिम एहसास
अंतिम एहसास
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"बेहतर आइडिया"
Dr. Kishan tandon kranti
गुजरा वक्त।
गुजरा वक्त।
Taj Mohammad
Loading...