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11 Aug 2023 · 1 min read

#शेर-

#शेर-
■ धरती के लिए बादल की बेरुखी वैसी ही है जैसी रूह के लिए किसी प्रियजन की।
■प्रणय प्रभात■

Language: Hindi
Tag: शेर
1 Like · 133 Views
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