Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 May 2022 · 1 min read

“वो पिता मेरे, मै बेटी उनकी”

वो पिता मेरे, मै बेटी उनकी, जिन्होंने दी मुझे नई पहचान।
उम्मीद का सहारा,नदी का किनारा,
होसलो की ऊची उड़ान, माथे से टपकता पसीना जिन की पहचान।
वो पिता मेरे, मै बेटी उनकी, जिन्होंने दी मुझे नई पहचान।
मैं गुड़िया उनकी,वो मेरी जान।
भूल सब दुनिया के ताने,सिर्फ वो मुझको ही जाने।
बचा सब की नजरों से,शिक्षा का मुझे दिया सम्मान।
वो पिता मेरे, मै बेटी उनकी, जिन्होंने दी मुझे नई पहचान।
मुझको भी देते, बेटों सा मान।
आत्मनिर्भर मुझे बनाया ,किया मुझपे एहसान।
टीचर मुझे बना ,दिया मेरे सपनो में जान।
वो पिता मेरे, मै बेटी उनकी, जिन्होंने दी मुझे नई पहचान।
नाम रीतू सिंह

98 Likes · 146 Comments · 1162 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
कल्पना ही हसीन है,
कल्पना ही हसीन है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कुछ नहीं बचेगा
कुछ नहीं बचेगा
Akash Agam
****बसंत आया****
****बसंत आया****
Kavita Chouhan
मैंने खुद को जाना, सुना, समझा बहुत है
मैंने खुद को जाना, सुना, समझा बहुत है
सिद्धार्थ गोरखपुरी
ज़िन्दगी वो युद्ध है,
ज़िन्दगी वो युद्ध है,
Saransh Singh 'Priyam'
23, मायके की याद
23, मायके की याद
Dr Shweta sood
लेखक कौन ?
लेखक कौन ?
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
रिश्ते..
रिश्ते..
हिमांशु Kulshrestha
पीर पराई
पीर पराई
Satish Srijan
लोभी चाटे पापी के गाँ... कहावत / DR. MUSAFIR BAITHA
लोभी चाटे पापी के गाँ... कहावत / DR. MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
इंसान को,
इंसान को,
नेताम आर सी
सिंदूरी इस भोर ने, किरदार नया फ़िर मिला दिया ।
सिंदूरी इस भोर ने, किरदार नया फ़िर मिला दिया ।
Manisha Manjari
सुकून
सुकून
अखिलेश 'अखिल'
💐प्रेम कौतुक-478💐
💐प्रेम कौतुक-478💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हमारा सफ़र
हमारा सफ़र
Manju sagar
फितरत
फितरत
Anujeet Iqbal
"अन्दाज"
Dr. Kishan tandon kranti
उधार  ...
उधार ...
sushil sarna
निकला है हर कोई उस सफर-ऐ-जिंदगी पर,
निकला है हर कोई उस सफर-ऐ-जिंदगी पर,
डी. के. निवातिया
मैंने रात को जागकर देखा है
मैंने रात को जागकर देखा है
शेखर सिंह
तुम ही रहते सदा ख्यालों में
तुम ही रहते सदा ख्यालों में
Dr Archana Gupta
■ एक ही सवाल ■
■ एक ही सवाल ■
*Author प्रणय प्रभात*
तुम्हें अकेले चलना होगा
तुम्हें अकेले चलना होगा
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
सुबह की चाय मिलाती हैं
सुबह की चाय मिलाती हैं
Neeraj Agarwal
अनुसंधान
अनुसंधान
AJAY AMITABH SUMAN
देखा तुम्हें सामने
देखा तुम्हें सामने
Harminder Kaur
गुरु रामदास
गुरु रामदास
कवि रमेशराज
*पाए हर युग में गए, गैलीलियो महान (कुंडलिया)*
*पाए हर युग में गए, गैलीलियो महान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
प्यारा-प्यारा है यह पंछी
प्यारा-प्यारा है यह पंछी
Suryakant Dwivedi
ये आँखें तेरे आने की उम्मीदें जोड़ती रहीं
ये आँखें तेरे आने की उम्मीदें जोड़ती रहीं
Kailash singh
Loading...