Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Feb 2023 · 1 min read

“वे लिखते हैं”

“वे लिखते हैं”
लेखक या कवि नहीं हैं
फिर भी वे लिखते हैं
धरती पर हल की नोक से
पसीने को स्याही बनाकर,
अन्तिम दम तक
अपने खून को सुखाकर।
– डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति

13 Likes · 5 Comments · 203 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
अपूर्ण नींद और किसी भी मादक वस्तु का नशा दोनों ही शरीर को अन
अपूर्ण नींद और किसी भी मादक वस्तु का नशा दोनों ही शरीर को अन
Rj Anand Prajapati
कुदरत है बड़ी कारसाज
कुदरत है बड़ी कारसाज
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"आज की कविता"
Dr. Kishan tandon kranti
*देखो मन में हलचल लेकर*
*देखो मन में हलचल लेकर*
Dr. Priya Gupta
भारत देश
भारत देश
लक्ष्मी सिंह
अच्छी थी पगडंडी अपनी।सड़कों पर तो जाम बहुत है।।
अच्छी थी पगडंडी अपनी।सड़कों पर तो जाम बहुत है।।
पूर्वार्थ
दोहे
दोहे
अशोक कुमार ढोरिया
किसने यहाँ
किसने यहाँ
Dr fauzia Naseem shad
# 𑒫𑒱𑒔𑒰𑒩
# 𑒫𑒱𑒔𑒰𑒩
DrLakshman Jha Parimal
अनर्गल गीत नहीं गाती हूं!
अनर्गल गीत नहीं गाती हूं!
Mukta Rashmi
दानवता की पोषक
दानवता की पोषक
*प्रणय प्रभात*
2654.पूर्णिका
2654.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
यह तुम्हारी गलत सोच है
यह तुम्हारी गलत सोच है
gurudeenverma198
मंज़र
मंज़र
अखिलेश 'अखिल'
"जब आपका कोई सपना होता है, तो
Manoj Kushwaha PS
आँखे नम हो जाती माँ,
आँखे नम हो जाती माँ,
Sushil Pandey
भविष्य..
भविष्य..
Dr. Mulla Adam Ali
नाकाम मुहब्बत
नाकाम मुहब्बत
Shekhar Chandra Mitra
कीमतें भी चुकाकर देख ली मैंने इज़हार-ए-इश्क़ में
कीमतें भी चुकाकर देख ली मैंने इज़हार-ए-इश्क़ में
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
Neelam Sharma
कर ही बैठे हैं हम खता देखो
कर ही बैठे हैं हम खता देखो
Dr Archana Gupta
जब कोई हाथ और साथ दोनों छोड़ देता है
जब कोई हाथ और साथ दोनों छोड़ देता है
Ranjeet kumar patre
"मां बनी मम्मी"
पंकज कुमार कर्ण
जिंदगी झंड है,
जिंदगी झंड है,
कार्तिक नितिन शर्मा
आदमी हैं जी
आदमी हैं जी
Neeraj Agarwal
राम है अमोघ शक्ति
राम है अमोघ शक्ति
Kaushal Kumar Pandey आस
प्यार है ही नही ज़माने में
प्यार है ही नही ज़माने में
SHAMA PARVEEN
जिंदगी जीना है तो खुशी से जीयों और जीभर के जीयों क्योंकि एक
जिंदगी जीना है तो खुशी से जीयों और जीभर के जीयों क्योंकि एक
जय लगन कुमार हैप्पी
*आओ पौधा एक लगाऍं (बाल कविता)*
*आओ पौधा एक लगाऍं (बाल कविता)*
Ravi Prakash
'मौन का सन्देश'
'मौन का सन्देश'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Loading...