Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jan 2023 · 1 min read

वक्त से पहले

तू तो देता है बेहिसाब,
हर सवाली को।
वक्त से पहले और,
मुकद्दर से ज्यादा।

सतीश सृजन, लखनऊ.

Language: Hindi
257 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Satish Srijan
View all
You may also like:
चलो हम सब मतदान करें
चलो हम सब मतदान करें
Sonam Puneet Dubey
बात तो बहुत कुछ कहा इस जुबान ने।
बात तो बहुत कुछ कहा इस जुबान ने।
Rj Anand Prajapati
DR ARUN KUMAR SHASTRI
DR ARUN KUMAR SHASTRI
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मैं और वो
मैं और वो
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
दिल की गलियों में कभी खास हुआ करते थे।
दिल की गलियों में कभी खास हुआ करते थे।
Phool gufran
।।अथ सत्यनारायण व्रत कथा पंचम अध्याय।।
।।अथ सत्यनारायण व्रत कथा पंचम अध्याय।।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
रोज गमों के प्याले पिलाने लगी ये जिंदगी लगता है अब गहरी नींद
रोज गमों के प्याले पिलाने लगी ये जिंदगी लगता है अब गहरी नींद
कृष्णकांत गुर्जर
" लहर लहर लहराई तिरंगा "
Chunnu Lal Gupta
रोला छंद
रोला छंद
sushil sarna
नौकरी न मिलने पर अपने आप को अयोग्य वह समझते हैं जिनके अंदर ख
नौकरी न मिलने पर अपने आप को अयोग्य वह समझते हैं जिनके अंदर ख
Gouri tiwari
गए वे खद्दर धारी आंसू सदा बहाने वाले।
गए वे खद्दर धारी आंसू सदा बहाने वाले।
कुंवर तुफान सिंह निकुम्भ
कहते हैं लोग
कहते हैं लोग
हिमांशु Kulshrestha
खुशी के पल
खुशी के पल
RAKESH RAKESH
जिंदगी जीना है तो खुशी से जीयों और जीभर के जीयों क्योंकि एक
जिंदगी जीना है तो खुशी से जीयों और जीभर के जीयों क्योंकि एक
जय लगन कुमार हैप्पी
*सागर में ही है सदा , आता भीषण ज्वार (कुंडलिया)*
*सागर में ही है सदा , आता भीषण ज्वार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
"कलम की ताकत"
Dr. Kishan tandon kranti
वक्त
वक्त
Astuti Kumari
दोस्तों के साथ धोखेबाजी करके
दोस्तों के साथ धोखेबाजी करके
ruby kumari
मछलियां, नदियां और मनुष्य / मुसाफ़िर बैठा
मछलियां, नदियां और मनुष्य / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
कमरा उदास था
कमरा उदास था
Shweta Soni
Finding someone to love us in such a way is rare,
Finding someone to love us in such a way is rare,
पूर्वार्थ
#लघुकथा
#लघुकथा
*प्रणय प्रभात*
2893.*पूर्णिका*
2893.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
❤️ मिलेंगे फिर किसी रोज सुबह-ए-गांव की गलियो में
❤️ मिलेंगे फिर किसी रोज सुबह-ए-गांव की गलियो में
शिव प्रताप लोधी
विचार ही हमारे वास्तविक सम्पत्ति
विचार ही हमारे वास्तविक सम्पत्ति
Ritu Asooja
जन्माष्टमी महोत्सव
जन्माष्टमी महोत्सव
Neeraj Agarwal
अलविदा
अलविदा
Dr fauzia Naseem shad
Vishal Prajapati
Vishal Prajapati
Vishal Prajapati
जब हम छोटे से बच्चे थे।
जब हम छोटे से बच्चे थे।
लक्ष्मी सिंह
** मुक्तक **
** मुक्तक **
surenderpal vaidya
Loading...