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18 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-471💐

ये ग़मों के दौर नहीं,ये उनकी ख़ुशी के आँसू,
ये मेरे दिल के रहनुमा बनते हैं, उनके आँसू,
इक ठहराव है ये ज़िंदगी का सुन लीजिएगा,
जिस कैफ़ियत के हैं,फ़िर न निकलेंगें ऐसे आँसू।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
102 Views
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