Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-425💐

यहीं सबब से मिलते हैं सबक निराले,
बुरे लोगों के दिल तो हैं यूँ काले-काले,
मतलब की आग में सब झुलस रहे हैं,
किसी रोज़ उनके भी निकलेंगे छाले छाले।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
Tag: Hindi, Quote Writer
11 Views
You may also like:
तुमको ख़त में क्या लिखूं..?
तुमको ख़त में क्या लिखूं..?
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
लकीरी की फ़कीरी
लकीरी की फ़कीरी
Satish Srijan
भय
भय
Shyam Sundar Subramanian
बार बार दिल तोड़ा तुमने , फिर भी है अपनाया हमने
बार बार दिल तोड़ा तुमने , फिर भी है अपनाया...
Dr Archana Gupta
💐अज्ञात के प्रति-149💐
💐अज्ञात के प्रति-149💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
खग  (कुंडलिया)*
खग (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
एक पंछी
एक पंछी
Shiv kumar Barman
साज़िश
साज़िश
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
✍️परीक्षा की सच्चाई✍️
✍️परीक्षा की सच्चाई✍️
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मुल्क़ पड़ोसी चीन
मुल्क़ पड़ोसी चीन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पल भर में बदल जाए
पल भर में बदल जाए
Dr fauzia Naseem shad
■ आज का विचार
■ आज का विचार
*Author प्रणय प्रभात*
युग बीते और आज भी ,
युग बीते और आज भी ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
न गिराओ हवाओं मुझे , औकाद में रहो
न गिराओ हवाओं मुझे , औकाद में रहो
कवि दीपक बवेजा
भले हमें ना पड़े सुनाई
भले हमें ना पड़े सुनाई
Ranjana Verma
निःशक्त, गरीब और यतीम को
निःशक्त, गरीब और यतीम को
gurudeenverma198
कविता
कविता
Rambali Mishra
सियासी क़ैदी
सियासी क़ैदी
Shekhar Chandra Mitra
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता
मनोज कर्ण
"भक्त नरहरि सोनार"
Pravesh Shinde
प्रेम
प्रेम
Dr. Shailendra Kumar Gupta
दर्द ना मिटा दिल से तेरी चाहतों का।
दर्द ना मिटा दिल से तेरी चाहतों का।
Taj Mohammad
चंदू और बकरी चाँदनी
चंदू और बकरी चाँदनी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बारिश की बौछार
बारिश की बौछार
Shriyansh Gupta
प्रीति के दोहे, भाग-3
प्रीति के दोहे, भाग-3
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
डॉअरुण कुमार शास्त्री
डॉअरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"एक नज़र"
Dr. Kishan tandon kranti
आईना...
आईना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
⚘️महाशिवरात्रि मेरे लेख🌿
⚘️महाशिवरात्रि मेरे लेख🌿
Ankit Halke jha
अज्ञेय अज्ञेय क्यों है - शिवकुमार बिलगरामी
अज्ञेय अज्ञेय क्यों है - शिवकुमार बिलगरामी
Shivkumar Bilagrami
Loading...