Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 May 2023 · 1 min read

मै तो हूं मद मस्त मौला

मैं तो हूं मद मस्त मौला,
मुझे दुनिया की क्या फिकर।
अरे नादान तू कहां फंसा है,
ऐसी उधेड़बुन में,
निकलना है तो आ चल निकल।
मै तो हूं . . . . . .
बेबस आंखें जब देखती है,
तीर सवालों की जब भेदती है।
तब एहसास होता है उन जख्मों का,
उसे मरहम भी कहां मेटती है।
अरे नादान तू कहां फंसा है ,
ऐसे रहमो करम में,
‌अपनी किस्मत को अब तू ही बदल।
मै तो हूं . . . . . .
इस दुनिया में भी, अजब लोग हैं,
अच्छाईयों में भी ढुंढते दोष है।
अच्छाई बुराई की परख तो है,
पर अंधभक्ति में मदहोश हैं।
अरे नादान तू कहां फंसा है,
ऐसे ताने बाने में,
शतरंज जैसी कोई चाल तो अब चल।
मै तो हूं . . . . . .
जहां भी देखूं नजर उठाकर,
लोग बड़े ही निराले हैं।
गोरे तन से सुन्दर दिखे पर,
मन के बड़े ही काले हैं।
अरे नादान तू कहां फंसा है,
ऐसे हिन करम में,
तेरे कर्म का लेखा जोखा अब तू ही बदल।
मै तो हूं. . . . . .

Language: Hindi
1 Like · 180 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नेताम आर सी
View all
You may also like:
मन की संवेदना
मन की संवेदना
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
मन्दिर में है प्राण प्रतिष्ठा , न्यौता सबका आने को...
मन्दिर में है प्राण प्रतिष्ठा , न्यौता सबका आने को...
Shubham Pandey (S P)
गुरु अमरदास के रुमाल का कमाल
गुरु अमरदास के रुमाल का कमाल
कवि रमेशराज
🌸दे मुझे शक्ति🌸
🌸दे मुझे शक्ति🌸
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
महोब्बत का खेल
महोब्बत का खेल
Anil chobisa
*** बचपन : एक प्यारा पल....!!! ***
*** बचपन : एक प्यारा पल....!!! ***
VEDANTA PATEL
कुशादा
कुशादा
Mamta Rani
दो सहोदर
दो सहोदर
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
"मन क्यों मौन?"
Dr. Kishan tandon kranti
इश्क़ में सरेराह चलो,
इश्क़ में सरेराह चलो,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मुझे उस पार उतर जाने की जल्दी ही कुछ ऐसी थी
मुझे उस पार उतर जाने की जल्दी ही कुछ ऐसी थी
शेखर सिंह
होली आ रही है रंगों से नहीं
होली आ रही है रंगों से नहीं
Ranjeet kumar patre
फ़िलिस्तीन-इज़राइल संघर्ष: इसकी वर्तमान स्थिति और भविष्य में शांति और संप्रभुता पर वैश्विक प्रभाव
फ़िलिस्तीन-इज़राइल संघर्ष: इसकी वर्तमान स्थिति और भविष्य में शांति और संप्रभुता पर वैश्विक प्रभाव
Shyam Sundar Subramanian
Learn to recognize a false alarm
Learn to recognize a false alarm
पूर्वार्थ
आबरू भी अपनी है
आबरू भी अपनी है
Dr fauzia Naseem shad
*जहां जिसका दाना पानी लिखा रहता है,समय उसे वहां पे बुलाता है
*जहां जिसका दाना पानी लिखा रहता है,समय उसे वहां पे बुलाता है
Shashi kala vyas
कवि सम्मेलन में जुटे, मच्छर पूरी रात (हास्य कुंडलिया)
कवि सम्मेलन में जुटे, मच्छर पूरी रात (हास्य कुंडलिया)
Ravi Prakash
ख़ुद को हमारी नज़रों में तलाशते हैं,
ख़ुद को हमारी नज़रों में तलाशते हैं,
ओसमणी साहू 'ओश'
मुझे पतझड़ों की कहानियाँ,
मुझे पतझड़ों की कहानियाँ,
Dr Tabassum Jahan
************ कृष्ण -लीला ***********
************ कृष्ण -लीला ***********
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हर एक मंजिल का अपना कहर निकला
हर एक मंजिल का अपना कहर निकला
कवि दीपक बवेजा
ज्ञानों का महा संगम
ज्ञानों का महा संगम
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
आखिरी मोहब्बत
आखिरी मोहब्बत
Shivkumar barman
हमारा फ़र्ज
हमारा फ़र्ज
Rajni kapoor
जादू था या तिलिस्म था तेरी निगाह में,
जादू था या तिलिस्म था तेरी निगाह में,
Shweta Soni
चाँद से वार्तालाप
चाँद से वार्तालाप
Dr MusafiR BaithA
सौभाग्य मिले
सौभाग्य मिले
Pratibha Pandey
23/01.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
23/01.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
हर हाल में बढ़ना पथिक का कर्म है।
हर हाल में बढ़ना पथिक का कर्म है।
Anil Mishra Prahari
श्री राम अयोध्या आए है
श्री राम अयोध्या आए है
जगदीश लववंशी
Loading...