Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 May 2023 · 1 min read

मैं बारिश में तर था

शहर में उस रोज बारिश थी
और मैं बारिश में तर था
रिस गई सारी कड़वाहट हृदय की
ओर मैंने उस दिन भूला दिया उस
गम को
पल को
लफ्ज़ को
ओर स्वयं से मिला
स्वयं के लिए मिला
स्वयं से स्वयं की दूरी
जो सहसा अकारण हो चली
वक्त की रफ्तार की धार से
तो एक निश्चय कर
चयन किया
एकांत की यात्रा का
जिसमें मैं ही चुनौती बन रहा था
स्वयं के विस्तार का
तो ये यात्रा जो
स्वयं की खोज की है
स्वयं को आलिंगनबद्ध कर लेने की
स्वयं को पथ पर लाने की है
स्वयं को उन तमाम
झंझावातों से मुक्त करने की है
जो अनगिनत समय से
चल रहे थे हृदय के
अन्तर्मन में
सुशील मिश्रा (क्षितिज राज)

1 Like · 168 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
View all
You may also like:
उलझा रिश्ता
उलझा रिश्ता
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
नव संवत्सर आया
नव संवत्सर आया
Seema gupta,Alwar
रूप पर अनुरक्त होकर आयु की अभिव्यंजिका है
रूप पर अनुरक्त होकर आयु की अभिव्यंजिका है
महेश चन्द्र त्रिपाठी
जहां से चले थे वहीं आ गए !
जहां से चले थे वहीं आ गए !
Kuldeep mishra (KD)
प्रेम के जीत।
प्रेम के जीत।
Acharya Rama Nand Mandal
इश्क का बाजार
इश्क का बाजार
Suraj Mehra
आग लगाना सीखिए ,
आग लगाना सीखिए ,
manisha
कान्हा को समर्पित गीतिका
कान्हा को समर्पित गीतिका "मोर पखा सर पर सजे"
अटल मुरादाबादी, ओज व व्यंग कवि
विवेकवान मशीन
विवेकवान मशीन
Sandeep Pande
कोहरा
कोहरा
Dr. Mahesh Kumawat
जीवन में सारा खेल, बस विचारों का है।
जीवन में सारा खेल, बस विचारों का है।
Shubham Pandey (S P)
कुछ मज़ा ही नही,अब जिंदगी जीने मैं,
कुछ मज़ा ही नही,अब जिंदगी जीने मैं,
गुप्तरत्न
स्त्री का सम्मान ही पुरुष की मर्दानगी है और
स्त्री का सम्मान ही पुरुष की मर्दानगी है और
Ranjeet kumar patre
Chalo khud se ye wada karte hai,
Chalo khud se ye wada karte hai,
Sakshi Tripathi
हमे भी इश्क हुआ
हमे भी इश्क हुआ
The_dk_poetry
सजनी पढ़ लो गीत मिलन के
सजनी पढ़ लो गीत मिलन के
Satish Srijan
*एक्सपायरी डेट ढूँढते रह जाओगे (हास्य व्यंग्य)*
*एक्सपायरी डेट ढूँढते रह जाओगे (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
**पी कर  मय महका कोरा मन***
**पी कर मय महका कोरा मन***
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
"यह भी गुजर जाएगा"
Dr. Kishan tandon kranti
हर सांस का कर्ज़ बस
हर सांस का कर्ज़ बस
Dr fauzia Naseem shad
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
भोले शंकर ।
भोले शंकर ।
Anil Mishra Prahari
शादी के बाद भी अगर एक इंसान का अपने परिवार के प्रति अतिरेक ज
शादी के बाद भी अगर एक इंसान का अपने परिवार के प्रति अतिरेक ज
पूर्वार्थ
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
■ खाने दो हिचकोले👍👍
■ खाने दो हिचकोले👍👍
*प्रणय प्रभात*
फिर झूठे सपने लोगों को दिखा दिया ,
फिर झूठे सपने लोगों को दिखा दिया ,
DrLakshman Jha Parimal
यादों को कहाँ छोड़ सकते हैं,समय चलता रहता है,यादें मन में रह
यादों को कहाँ छोड़ सकते हैं,समय चलता रहता है,यादें मन में रह
Meera Thakur
2388.पूर्णिका
2388.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
श्रीराम अयोध्या में पुनर्स्थापित हो रहे हैं, क्या खोई हुई मर
श्रीराम अयोध्या में पुनर्स्थापित हो रहे हैं, क्या खोई हुई मर
Sanjay ' शून्य'
ओमप्रकाश वाल्मीकि : व्यक्तित्व एवं कृतित्व
ओमप्रकाश वाल्मीकि : व्यक्तित्व एवं कृतित्व
Dr. Narendra Valmiki
Loading...